कबीरधाम जिले में शुक्रवार रात से शनिवार रात 8 तक हुई लगातार बारिश की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा अलर्ट रहते हुए राहत कार्य किया जा रहा है। बीते 24 घंटे के भीतर 63 मिमी बारिश हुई है। इस मानसून एक जून से लेकर 29 जुलाई रात 8 बजे की स्तिथि में अब तक 382 मिमी बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं। डीएम जनमेजय महोबे के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और जिला सेनानी के जवानों के द्वारा जिले में बारिश की स्थिति पर सतत मॉनिटरिंग की जा रही है और जरूरत के आधार पर राहतदल द्वारा प्रभावितों को राहत पहुंचाई जा रही है।
डीएम महोबे ने बताया कि पंडरिया ब्लॉक के खैरझिटी गांव और डोमसरा गांव के 4-4 परिवार प्रभावित हुए हैं। खैरझिटी गांव में प्रभावित परिवार के मकान बारिश से ढह गए हैं, उन परिवारों को सामुदायिक भवन में रुकवाया गया है और राशन सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। डोमसरा गांव में हाफ नदी में जल का अधिक भराव होने से 4 परिवार टापू में फंसे हुए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित कर लिया गया है। अभी हाफ नदी का जलस्तर कम हो गया है, कोई नुकसान नहीं हुआ है। बोड़ला, तरेगांव, दलदली मार्ग में गिरे हुए पत्थर के बोल्डर को तत्काल जेसीबी की मदद से हटवाया गया और रोड में आवागमन शुरू कर दिया गया है। बोड़ला में एक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। क्षतिग्रस्त हुए मकान में आरबीसी 6-4 के तहत मामला दर्ज किया गया। नियमानुसार राहत राशि प्रभावितों को दी जाएगी।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नदी-नाला में अधिक जल भराव के कारण पुल या रपटा के ऊपर पानी का बहाव हो रहा है, वहां आवागमन बंद करें। राहत टीम द्वारा सरोदा-भोरमदेव रोड में रपटा के ऊपर पानी का बहाव होने पर आवागमन बंद करवा दिया गया है। गंगापुर, दरगवां, संकरी मार्ग में भी पुल के ऊपर पानी बह रहा है, वहां कोटवार को निगरानी के लिए ड्यूटी लगाई गई है और आवागमन बंद किया गया है।
डीएम जनमेजय महोबे के निर्देश पर जिले के सभी विकासखंडों में राजस्व अनुविभगीय, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, पुलिस, जिला सेनानी की संयुक्त टीम से जिले के सभी प्रभावित क्षेत्रों में सतत मॉनिटरिंग की जा रही है और उन क्षेत्रों में राहत शिविर बना कर प्रभावितों को ठहराने का काम भी किया जा रहा है। अधिक जल भराव की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी करा कर अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए।
साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में सभी शासकीय भवनों, मंगलभवनों में राहत शिविर के उपयोग के लिए अधिकारियों को कहा गया है। जरूरत के आधार पर सभी राहत शिविरो में राशन, खाने-पीने के समान, बिजली अथवा प्रकाश की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचान के लिए सभी नायाब तहसीलदारों को पटवारी, सचिव, नगर सैनिक की संयुक्त टीम बनाए गए है। डीएम ने जल संसाधन विभाग के अधिकारी को जिले के सभी मध्यम जलाशलय में जल भराव, उलट की स्थिति व ओवर फलो की स्थिति पर चौबिसों घंटे मॉनिटरिंग करने एवं पल-पल की खबर देने के लिए कहा गया है।