जैन संतों पर हमले के विरोध में मौन रैली
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मध्यप्रदेश के नीमच जिले के कछाला गांव में जैन संतों पर हुए हमले के विरोध में मंगलवार को कोंडागांव में जैन समाज ने मौन रैली निकाली। इस दौरान ओसवाल भवन से रैली प्रारंभ हुई, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। वहां समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जैन समाज के अध्यक्ष हरीश गोलछा ने जानकारी देते हुए बताया कि 13 अप्रैल की रात जैन मुनिराज जब कछाला गांव स्थित हनुमान मंदिर में विश्राम कर रहे थे, तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने लूटपाट की नीयत से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। गोलछा ने कहा कि जैन संत सादा जीवन जीते हैं, संपत्ति नहीं रखते, और याचना से शुद्ध शाकाहारी भोजन ग्रहण करते हैं। इसके बावजूद उन पर हमला होना न केवल अमानवीय कृत्य है, बल्कि यह जैन धर्म के मूल सिद्धांतों—करुणा, दया और अहिंसा—का भी उल्लंघन है।
ज्ञापन में जैन समाज ने राष्ट्रपति से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, दोषियों को कड़ी सजा मिले और देशभर में जैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। समाज ने यह भी कहा कि यह घटना हिन्दू आस्था के केंद्र हनुमान मंदिर में हुई है, जिससे भावनाएं और अधिक आहत हुई हैं।