फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गरियाबंद: उदंती-सीतानदी में बाघ की आहट से वन्यजीव संरक्षण की बढ़ीं उम्मीदें, सतर्कता और सूचना की अपील

Sat, 07 Feb 2026 08:10 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गरियाबंद

सार

गरियाबंद में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक बार फिर रोमांचक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। जनवरी 2026 में रिजर्व क्षेत्र के भीतर बाघ की मौजूदगी के पुख्ता संकेत मिले हैं।
विज्ञापन
बाघ की आहट से वन्यजीव संरक्षण की बढ़ीं उम्मीदें - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गरियाबंद में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक बार फिर रोमांचक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। जनवरी 2026 में रिजर्व क्षेत्र के भीतर बाघ की मौजूदगी के पुख्ता संकेत मिले हैं। गश्त के दौरान बाघ के ताज़े पैरों के निशान और मल पाए गए हैं, जिससे इलाके में उसके सक्रिय रूप से विचरण करने की पुष्टि हुई है। इस बात की आधिकारिक जानकारी उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक वरुण जैन ने दी।

विज्ञापन


वन विभाग के अनुसार नियमित पेट्रोलिंग के दौरान बाघ से जुड़ी गतिविधियों के स्पष्ट प्रमाण सामने आए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में निगरानी और सतर्कता और तेज कर दी गई है। कैमरा ट्रैप, पैदल ट्रैकिंग और विशेष टीमों के माध्यम से रिजर्व पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि बाघ की गतिविधियों का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन किया जा सके। उप वन संरक्षक वरुण जैन ने बताया कि ये संकेत इस बात का प्रमाण हैं कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघ की निरंतर उपस्थिति बनी हुई है।

जैव विविधता के पुनर्जीवन की ओर इशारा
यह खबर न केवल वन विभाग के लिए उत्साहवर्धक है, बल्कि पूरे क्षेत्र में जैव विविधता के पुनर्जीवन और संरक्षण प्रयासों की सफलता की ओर भी इशारा करती है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इस रिजर्व में बाघ के प्रमाण मिलते रहे हैं। ताज़ा संकेतों से यह भरोसा और मजबूत हुआ है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व फिर से बाघों का सुरक्षित घर बन रहा है।
विज्ञापन


सतर्कता और सूचना की अपील
वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि यदि किसी भी तरह की वन्यजीव गतिविधि दिखे तो तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह प्रयास न केवल बाघों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय समुदायों की सुरक्षा और सह-अस्तित्व को भी बढ़ावा देगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें