पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर सेशन कोर्ट के उस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है, जिसमें इस मामले का ट्रायल दोबारा शुरू करने का आदेश दिया गया है।
छत्तीसगढ़ के चर्चित अश्लील CD मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर सेशन कोर्ट के उस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है, जिसमें इस मामले का ट्रायल दोबारा शुरू करने का आदेश दिया गया है।
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सेशन कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि यह पूरा मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत चल रहा है। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में उन्हें स्पेशल CBI कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बाद CBI ने सेशन कोर्ट में रिव्यू याचिका दाखिल की, जिस पर कोर्ट ने अब ट्रायल फिर से शुरू करने का आदेश दिया है। इसी आदेश के खिलाफ वे हाई कोर्ट का रुख करेंगे।
इस केस में भूपेश बघेल के अलावा कारोबारी कैलाश मुरारका, पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांडे भी आरोपी हैं। कारोबारी कैलाश मुरारका और विनोद वर्मा ने अपने खिलाफ लगे आरोप खत्म करने के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने यह कहते हुए अर्जी खारिज कर दी कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा।
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यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जाता है। सितंबर 2018 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और विनोद वर्मा की गिरफ्तारी हुई थी, जिससे राज्य की राजनीति में जबरदस्त उथल-पुथल मच गई थी।