छत्तीसगढ़ के रायपुर की जिला अदालत ने सोमवार को वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की न्यायिक हिरासत 11 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी। उन्हें ब्लैकमेल और उगाही करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वर्मा के वकील फैसल रिजवी ने बताया कि उनके मुवक्किल को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया था।
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भावेश कुमार ने विनोद वर्मा की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने 27 अक्तूबर को उनके गाजियाबाद स्थित आवास से गिरफ्तार किया है। 31 अक्तूबर को अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
अपनी गिरफ्तारी के बाद विनोद वर्मा ने दावा किया था कि उनके पास छत्तीसगढ़ के एक मंत्री की सेक्स टेप थी। रायपुर पुलिस के अनुसार भाजपा नेता प्रकाश बजाज की शिकायत पर वर्मा के खिलाफ पंडरी पुलिस स्टेशन में ब्लैकमेल और उगाही करने का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक बजाज का कहना है कि उन्हें एक अज्ञात शख्स की ओर से फोन कर तंग किया जा रहा था। फोन करने वाला अपने पास उसके आका की सीडी होने का दावा कर रहा था। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने इस मामले की जांच की और वर्मा को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का दावा है कि उन्होंने वर्मा के घर से 500 अश्लील सीडी, एक पैन ड्राइव और एक लैपटॉप बरामद किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। हालांकि वर्मा ने इस आरोपों को नकारा है और पूरे मामले को पुलिस की साजिश बताया है।