परिजनों ने जेल परिसर में किया प्रदर्शन
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राजधानी रायपुर की सेंट्रल जेल में रविवार शाम एक विचाराधीन बंदी की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल में बंद सुनील महानंद (30 वर्ष), निवासी कैलाशपुरी, ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और जेल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए गए।
मृतक की पत्नी ललिता महानंद को जैसे ही पति की मौत की सूचना मिली, वह बेसुध हो गई। परिजनों और समाज के लोगों ने जेल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम नंदकुमार चौबे को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की।
जेल प्रशासन के अनुसार, रविवार शाम करीब 6.45 बजे सुनील महानंद को जेल के अपर अष्टकोण क्षेत्र में बैरक नंबर-4 के पीछे पीपल के पेड़ से लटका हुआ देखा गया। उसने अपने गमछे से फंदा बनाकर यह कदम उठाया। ड्यूटी पर तैनात पहरेदारों ने उसे नीचे उतारा, उस वक्त उसकी सांसें चल रही थीं। तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रशासन का दावा है कि पूरी घटना जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है।
परिजनों का आरोप है कि सुनील को जेल के भीतर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका कहना है कि वह पिछले दो महीनों से मुलाकात के दौरान प्रताड़ना की शिकायत करता था। परिजनों ने सर्दी के मौसम को देखते हुए कपड़े, स्वेटर और खाने-पीने का सामान दिया था, जो उसे नहीं दिया गया। इसी कारण वह गहरे मानसिक तनाव में था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में प्रहरी उल्लास वर्मा को निलंबित कर दिया है। जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने बताया कि घटना की न्यायिक जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटे हुए हैं।