स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों को गति देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की स्वच्छता दीदियों के लिए नई वर्दी और सुरक्षा उपकरणों की खरीदी को मंजूरी प्रदान की है। राज्य सरकार ने प्रदेश के 145 नगरीय निकायों में कार्यरत 7,992 स्वच्छता दीदियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और वर्दी उपलब्ध कराने के लिए 2,95,70,400 रुपये की कुल राशि स्वीकृत की है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में सभी नगरीय निकायों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। शासन ने प्रत्येक स्वच्छता दीदी के लिए 3,700 रुपये की दर निर्धारित की है। स्वीकृत राशि से स्वच्छता कार्य में जुटी महिला कर्मचारियों को काम के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण यानी पीपीई किट तथा वर्दी दी जाएगी।
उपभोक्ता शुल्क की राशि से होगा खर्च
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्दी और सुरक्षा उपकरणों की खरीदी के लिए अलग से राशि जारी करने के बजाय निकायों में उपलब्ध उपभोक्ता शुल्क यानी यूजर चार्ज की रकम का उपयोग किया जाएगा। शासन ने निकायों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत राशि को केवल स्वच्छता दीदियों के लिए निर्धारित सामग्री की खरीदी पर ही खर्च किया जाए। इस स्वीकृत रकम को किसी अन्य काम में खर्च करने की अनुमति नहीं होगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने निकायों में स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में स्वच्छता के काम में लगी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। निकायों को खरीदी के दौरान शासन के सभी दिशा-निर्देशों और निर्धारित तकनीकी मापदंडों का कड़ाई से पालन करना होगा। साथ ही, नगरीय निकायों से संबंधित अधिनियमों और नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया संपन्न करनी होगी।
क्रय नियमों और तकनीकी मापदंडों का पालन
विभाग ने खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमानुकूल बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। नगरीय निकायों को निर्देश दिया गया है कि वर्दी और पीपीई किट की खरीदी छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों के संशोधित 2026 के प्रावधानों के अनुसार ही की जाए। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, रायपुर द्वारा निर्मित सामग्री की सीधी खरीदी से संबंधित लागू नियमों का भी अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। खरीदी के दौरान निर्धारित तकनीकी मापदंडों और शासन के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखना जरूरी होगा। इससे खरीदी की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी होगी और खर्च का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। स्वच्छता के कार्य में लगी महिला कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
दस्तावेज और जियो-टैग तस्वीरें जमा करना अनिवार्य
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने खरीदी की प्रक्रिया के साथ-साथ खर्च के हिसाब और दस्तावेज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। निकायों को केवल राशि खर्च करने की जानकारी देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उन्हें खरीदी से जुड़े जरूरी दस्तावेज और कार्य पूरा होने का प्रमाण भी विभाग को भेजना होगा। इसके लिए निकायों को कार्यादेश की प्रति, खर्च का पूरा विवरण और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा, खरीदी और कार्य से संबंधित सत्यापित जियो-टैग तस्वीरें भी विभाग को भेजनी होंगी। इन दस्तावेज के माध्यम से विभाग स्वीकृत राशि के इस्तेमाल और खरीदी की प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखेगा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में बेहतर प्रदर्शन के लक्ष्य के साथ सभी निकायों को इन दिशा-निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी से पालन करने के लिए कहा गया है।