जगदलपुर के जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (डीएमएफटी) की शासी परिषद सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बस्तर सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण देव, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय, कलेक्टर हरिस एस., जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, वन मंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता सहित शासी परिषद के सदस्य और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जनकल्याणकारी कार्यों पर जोर
बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में विकास को गति दे रही है। बस्तर, जो प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, में उन जनकल्याणकारी कार्यों के लिए डीएमएफटी मद का उपयोग किया जाए, जिनके लिए विभागीय बजट उपलब्ध नहीं है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और विद्युत क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सांसद ने विशेष रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं में मानव संसाधन की कमी, जीर्ण-शीर्ण स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण और पेयजल संकट के समाधान पर ध्यान देने की बात कही।
डीएमएफटी मद से तत्काल विकास कार्य शुरू किए जाएं
विधायक किरण देव ने कहा कि जनता से सीधे जुड़े मुद्दों पर डीएमएफटी मद से तत्काल विकास कार्य शुरू किए जाएं। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। विधायक ने कहा कि संभाग मुख्यालय के विकास कार्यों का प्रभाव अन्य जिलों पर भी पड़ता है, इसलिए पूर्व वर्षों के लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से स्वप्रेरणा से समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
वित्तीय वर्ष 2024-25 की प्रगति समीक्षा
बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के डीएमएफटी मद से संचालित 210 विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इन कार्यों की स्थिति और प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की गई और इसे अनुमोदन प्रदान किया गया। इस कार्ययोजना में उच्च प्राथमिकता के 11 कार्यों और अन्य प्राथमिकता के 7 कार्यों के प्रावधान शामिल हैं।
बैठक में निम्नलिखित प्रमुख प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हुआ
1. पेयजल समस्या का समाधान और जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों में तेजी।
2. अधूरे कार्य छोड़ने वाले निविदाकारों के खिलाफ कार्रवाई।
3. विद्युत व्यवस्था में सुधार।
4. ध्वस्त स्कूल भवनों का पुनर्निर्माण।
शासी परिषद के सुझाव
शासी परिषद के सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और विकास से संबंधित सुझाव रखे। कलेक्टर को संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन सुझावों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।