फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CG News: पुनर्वासित युवाओं को मिली नई दिशा, जैविक खेती और पर्यटन से जुड़े अवसरों से कराया गया परिचय

Sun, 04 Jan 2026 12:20 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

दंतेवाड़ा जिले में 134 पुनर्वासित युवाओं के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक, कृषि और पर्यटन भ्रमण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसाइटी के माध्यम से संपन्न हुआ।
विज्ञापन
पुनर्वासित युवाओं को मिली नई दिशा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ में पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य शासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा जिले में 134 पुनर्वासित युवाओं के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक, कृषि और पर्यटन भ्रमण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसाइटी के माध्यम से संपन्न हुआ।
विज्ञापन


दरअसल, हाल ही में पुनर्वासित युवाओं ने जिला प्रशासन के समक्ष कृषि और पर्यटन क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने की इच्छा जताई थी। उनकी इस मांग को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की पहल पर यह भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि युवाओं को आजीविका के नए विकल्पों से रूबरू कराया जा सके।

भ्रमण के दौरान युवाओं को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई। कृषि विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और भूमगादी जैविक क्लस्टर के समन्वयकों ने कम लागत में अधिक उत्पादन, रासायनिक उर्वरकों के बिना खेती, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जैविक उत्पादों के विपणन से जुड़े पहलुओं को व्यावहारिक रूप से समझाया। लाइवलीहुड कॉलेज के प्रशिक्षक भी इस दौरान मौजूद रहे।
विज्ञापन


कृषि के साथ-साथ युवाओं को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया गया। यहां उन्हें स्थानीय पर्यटन की संभावनाओं, होम-स्टे संचालन, गाइड सेवाओं, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोजगार सृजन के अवसरों की जानकारी दी गई। इससे युवाओं को यह समझने का मौका मिला कि पर्यटन क्षेत्र भी आय का सशक्त माध्यम बन सकता है।

भ्रमण से उत्साहित युवाओं ने लाइवलीहुड कॉलेज प्रशासन से दो से तीन दिवसीय विशेष आवासीय कृषि प्रशिक्षण आयोजित करने की मांग रखी। उनका कहना है कि इस तरह के गहन प्रशिक्षण से वे अपने गांव लौटकर उन्नत जैविक खेती को अपनाते हुए स्थायी आजीविका विकसित कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने युवाओं की इस सकारात्मक पहल की सराहना करते हुए भविष्य में कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और मजबूत करने का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें