225 करोड़ रूपये के खर्च से बने नये मंत्रालय पर मत्री-अफसर नहीं चूहे राज कर रहे हैं। यहां चूहों ने उनकी कु्र्सियां हथिया ली हैं। सीट, फाइल सब चूहे कुतर रहे हैं, उसके बाद ये अफसरों के हाथ लग रही हैं। इन चूहों ने अफसरों की नाक में दम कर दिया है। यह नया मंत्रालय रायपुर से 26 किमी. दूर है। आसपास खेत होने से चूहे वहां ज्यादा आ रहे हैं।
पेस्ट कंट्रोल के जरिये एक बार चूहों पर रोक लगाने का प्रयास भी किया गया लेकिन उससे भी बात नहीं बनी। इतना ही नहीं चूहों की यह कारस्तानी दिल्ली तक जा पहुंची और चूहों के लिये भी दिल्ली से तीन विशेषज्ञ भी आये। इस टीम ने तीन दिन तक चूहा प्रभावित इलाकों में दवा डाली।
इतने पर बात नहीं बनी तो चूहों के बिलों पर विशेष प्रकार के पैड बिछाये गये हैं। इन पैड पर जैसे ही चूहे आते हैं तो चिपक जाते हैं। चार दिन पहले ही टीम लौटी है। लेकिन परिणाम कुछ खास नहीं रहा है। चूहों की मार जारी है।
पुराने बिल बंद किए तो चूहों ने नए बना लिए। इन चूहों का आक्रमण सबसे अधिक मंत्रालय में फाइबर केबल पर हो रहा है। केबल कुतरने की वजह से मंत्रालय का सिस्टम बार-बार ठप हो रहा है। ऐसे में चूहों और अफसरों की जंग जारी है।