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विश्व वानिकी दिवस: सीएम साय की प्रदेशवासियों से अपील, हर व्यक्ति लगाए एक पौधा और उसकी करे देखभाल

Fri, 21 Mar 2025 12:46 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को बचाने की अपील की है।
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सीएम साय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को बचाने की अपील की है। सीएम साय ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।  प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण-मुक्त वातावरण देने की जिम्मेदारी निभाएँ।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगल केवल हरियाली नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। यह न केवल प्राणवायु का स्रोत हैं, बल्कि विभिन्न खाद्य, औषधीय और अन्य उपयोगी संसाधनों का भंडार भी हैं।  पेड़ों और जंगलों के महत्व को जन-जन तक। पहुंचाने के लिए हर वर्ष 21 मार्च को ‘विश्व वानिकी दिवस’ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या और आधुनिक जीवनशैली के कारण जंगल सिमटते जा रहे हैं और पर्यावरण असंतुलन बढ़ता जा रहा है। जंगलों के घटने से जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की समस्या विकराल रूप ले रही है। पर्यावरणीय असंतुलन का असर मनुष्यों, कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र पर साफ दिख रहा है।

छत्तीसगढ़ वन प्रबंधन और संरक्षण की दिशा में अग्रसर 
सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा भूभाग घने वनों से आच्छादित है और यहाँ की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था भी वनों से गहराई से जुड़ी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार वन प्रबंधन और सामुदायिक वन संरक्षण के माध्यम से वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से न केवल वनों का संरक्षण किया जा रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी इससे जोड़ा जा रहा है, ताकि वन और आजीविका के बीच संतुलन बना रहे।

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सीएम ने विश्व जल दिवस पर प्रदेशवासियों से जल संरक्षण अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है। जीवन का आरंभ जल से हुआ है और इसका सतत प्रवाह ही जीवन की निरंतरता का आधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया जल संकट की ओर बढ़ रही है, तब हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह जल की हर बूँद को संजोए। मुख्यमंत्रीने कहा कि प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य समाज में जल के महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जल संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। राज्य में जन-भागीदारी के माध्यम से जल संचय को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही जल प्रदूषण नियंत्रण और जल संसाधनों के पुनर्जीवन के लिए भी योजनाबद्ध और सतत प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धमतरी जिले में आयोजित ‘जल-जगार महोत्सव’ जल संरक्षण को लेकर एक अभिनव पहल थी, जिसमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल चेतना को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित दोहन और प्रदूषण के कारण स्वच्छ जल की उपलब्धता भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है, जिसे केवल सामूहिक प्रयासों से ही टाला जा सकता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि जल की प्रत्येक बूँद को सहेजेंगे, इसके महत्व को जन-जन तक पहुँचाएँगे और आने वाली पीढ़ियों को जल-समृद्ध भविष्य का उपहार देंगे।

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