हिंदी साहित्य के शीर्ष कवि-कथाकार और हाल ही में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल का मंगलवार शाम निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे। शुक्ल पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और सांस लेने में तकलीफ के कारण रायपुर के एम्स अस्पताल में भर्ती थे। विनोद कुमार शुक्त छत्तीसगढ़ के पहले ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले साहित्यकार थे। उनके निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक जताया है। अब बुधवार सुबह 11 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विनोद कुमार शुक्ल के निधन की खबर से साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। बीते महीने ही उन्हें हिंदी साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया था। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में जन्मे शुक्ल हिंदी साहित्य में अपनी सरल भाषा, गहरी संवेदना और अनोखी शैली के लिए जाने जाते थे। उनकी प्रमुख रचनाओं में 'नौकर की कमीज', 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' और 'खिलेगा तो देखेंगे' जैसे उपन्यास शामिल हैं।
निधन के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके सम्मान में रायपुर में होने वाले सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि यह फैसला उनकी साहित्यिक विरासत और प्रदेश के लिए उनके योगदान को श्रद्धांजलि देने का महत्वपूर्ण कदम है।शुक्ल के निधन पर साहित्यप्रेमी और बुद्धिजीवी गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं। उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।
पीएम मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने लिखा- “ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात लेखक विनोद कुमार शुक्ल जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। हिन्दी साहित्य जगत में अपने अमूल्य योगदान के लिए वे हमेशा स्मरणीय रहेंगे। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने दुख जताया
महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर लिखा 'महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन एक बड़ी क्षति है। नौकर की कमीज, दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी चर्चित कृतियों से साधारण जीवन को गरिमा देने वाले विनोद जी छत्तीसगढ़ के गौरव के रूप में हमेशा हम सबके हृदय में विद्यमान रहेंगे। संवेदनाओं से परिपूर्ण उनकी रचनाएम पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। उनके परिजन एवं पाठकों-प्रशंसकों को हार्दिक संवेदना। ओम शान्ति।'
तत्काल राजकीय शोक घोषित करे सरकार: पूर्व सीएम बघेल
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने लिखा कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक धरोहर, ज्ञान पीठ पुरस्कार से सम्मानित, हम सबके गौरव विनोद कुमार शुक्ल जी का जाना छत्तीसगढ़ सहित देशभर के लिए अपूरणीय साहित्यिक क्षति है। उन्होंने रायपुर के एम्स अस्पताल में आज अंतिम सांस ली है। मैं ईश्वर से उनकी दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करता हूं। ईश्वर उनके परिवारजनों, उनके शुभचिंतकों एवं चाहने वालों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे। ओम शांति ओम। आगे लिखा कि मैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अनुरोध करता हूं कि स्व. विनोद कुमार शुक्ल जी के निधन पर तत्काल राजकीय शोक घोषित करें। प्रदेश में इस दौरान किसी भी प्रकार के उत्सव, महोत्सव को कुछ दिनों के लिए टाल दें। यह हम सबका साझा दुःख है।
विनोद शुक्ल को कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि
प्रख्यात कवि, साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर कांग्रेस ने गहरा दुख प्रकट किया है। शुक्ल का निधन छत्तीसगढ़ ही नहीx देश के साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि विनोद शुक्ल के निधन पर मैं अपनी विनम्र श्रद्धांजली अर्पित करता हूं। ईश्वर उन्हें अपने चरणो में स्थान दें। परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भी गहरा शोक जताया है।
कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने शुक्ल को दी श्रद्धांजलि
हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार शुक्ल के निधन पर रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिकों ने टैगोर नगर स्थित उनके निज निवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। दिवंगत साहित्यकार शुक्ल का अंतिम संस्कार कल सुबह 11 बजे मारवाड़ी मुक्तिधाम में होगा।