राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी, गरज-चमक और झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, लेकिन कई इलाकों में तेज हवाओं के चलते बड़े पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित रहा। कुछ जगहों पर वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। रविवार सुबह तक कई मार्गों से पेड़ हटाने का काम जारी रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल बारिश और बादलों का असर बना रहेगा, हालांकि सोमवार से बस्तर संभाग को छोड़ अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ होने लगेगा। इसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है और मई के अंतिम सप्ताह में कई हिस्सों में लू जैसे हालात बनने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्य भारत से लेकर बंगाल तक सक्रिय द्रोणिका और चक्रवाती परिसंचरण के कारण समुद्र से बड़ी मात्रा में नमी प्रदेश में पहुंची। दिन के समय तेज गर्मी और नमी के प्रभाव से स्थानीय मौसम प्रणाली विकसित हुई, जिसके चलते कई जिलों में तेज बारिश और अंधड़ देखने को मिला।
इधर, मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। अंडमान-निकोबार क्षेत्र में लगातार वर्षा और तेज पश्चिमी हवाओं के चलते मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र भी मौसम को प्रभावित कर रहा है।
प्रदेश के कई जिलों में रविवार को भी हल्की बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई गई है। नारायणपुर, कांकेर, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, कबीरधाम, मुंगेली, सूरजपुर और बलरामपुर समेत कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
रायपुर में रविवार को आसमान में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और कहीं-कहीं बारिश होने के आसार हैं। राजधानी का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।