छत्तीसगढ़ में 'मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना' के तहत मंगलवार को एक अभूतपूर्व आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें 6 हजार 414 जोड़ों ने एक साथ विवाह के बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। इस महाआयोजन ने 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में अपना नाम दर्ज कराया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवदंपतियों को आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।
नवविवाहिता जोड़े को मिलते हैं 50 हजार रुपये
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, जो गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों के सम्मानजनक विवाह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, ने दशकों में महत्वपूर्ण विकास देखा है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में बताया कि वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में इस योजना की शुरुआत मात्र 5,000 रुपये की सहायता राशि से हुई थी। आज यह सहायता राशि बढ़कर 50,000 रुपये तक पहुंच गई है, जो गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा संबल साबित हो रही है। उन्होंने पुरानी यादों को साझा करते हुए कहा कि पहले बेटियों के विवाह के लिए परिवारों को अपनी संपत्ति तक गिरवी रखनी पड़ती थी, लेकिन अब इस योजना के माध्यम से उन्हें काफी राहत मिली है।
इन जिलों में हुआ कार्यक्रम
यह सामूहिक विवाह समारोह प्रदेश के कई जिलों में आयोजित किया गया, जिनमें रायपुर, कवर्धा और जगदलपुर प्रमुख थे। कुल मिलाकर, 6,414 जोड़ों ने इस योजना के तहत विवाह किया, जो इस तरह के आयोजनों के लिए एक नया कीर्तिमान है। इस रिकॉर्ड-तोड़ आयोजन ने न केवल लाखों परिवारों को राहत पहुंचाई है, बल्कि प्रदेश की सामाजिक एकता और सद्भाव को भी मजबूत किया है।
सीएम साय ने दिया वर्चुअल आशीर्वाद
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवदंपतियों को उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह योजना समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने इस आयोजन की सफलता के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और स्वयंसेवकों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि यह योजना भविष्य में भी इसी तरह लाखों परिवारों के जीवन में खुशियां लाती रहेगी।
'अब गरीब परिवार को विवाह की चिंता नहीं'
'मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना' के तहत 6,414 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार की सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इसने लाखों गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह की चिंता से मुक्त किया है। इस रिकॉर्ड-तोड़ आयोजन ने प्रदेश में खुशी और उत्सव का माहौल बनाया है, साथ ही यह योजना समाज के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।