रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बाल अपराध की रोकथाम और विधि से संघर्षरत बच्चों के पुनर्वास के लिए “नवोदय – नई सुबह की ओर” कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह अभियान Council for Social Justice (CSJ) और UNICEF के सहयोग से संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य अपराध में शामिल या जोखिम वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें बेहतर भविष्य की दिशा देना है।
पुलिस के मुताबिक इस पहल के तहत ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी जो पहले किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए गए हैं। उनके पारिवारिक, सामाजिक और मानसिक परिवेश का अध्ययन कर काउंसलिंग, मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा ताकि वे दोबारा अपराध की राह पर न जाएं।
कार्यक्रम के पहले चरण में “डाइवर्जन प्रोग्राम” चलाया जाएगा। इसके जरिए बच्चों की सामाजिक और मानसिक स्थिति का आकलन कर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण अधिकारियों की मदद से उन्हें कानूनी संरक्षण और पुनर्वास सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अभियान में जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड समेत कुल आठ विभागों को जोड़ा गया है। इन विभागों के समन्वय से बच्चों और उनके परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
कार्यक्रम में CSJ और UNICEF के वॉलंटियर्स भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। आने वाले समय में मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा, जो बार-बार छोटे अपराधों में शामिल बच्चों की नियमित काउंसलिंग करेंगे। रायपुर पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर तेलीबांधा, गंज, खमतराई, टिकरापारा और डीडी नगर थाना क्षेत्रों को चयनित किया है। इन इलाकों में चिन्हित बच्चों के सुधार और पुनर्वास के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। पुलिस ने अभिभावकों और नागरिकों से अपील की है कि बच्चों को सकारात्मक माहौल दें, उनकी गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।