फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'नक्सलवाद अंतिम चरण में': 77वें गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल रमन डेका बोले- छत्तीसगढ़ में विकास की नई राह

Mon, 26 Jan 2026 06:11 PM IST
अनुज कुमार एएनआई, रायपुर

सार

Chhattisgarh Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर रायपुर में राज्यपाल रमन डेका ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को बधाई दी। इस मौके पर उन्होंने माओवाद के अंत और बस्तर में शिक्षा-स्वास्थ्य की नई शुरुआत पर जोर दिया। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर में तिरंगा फहराया।
विज्ञापन
राज्यपाल रामेन डेका फहराया तिरंगा - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका ने रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ तरक्की की राह पर अग्रसर है और माओवादी समस्या अपने अंतिम दौर में है। राज्यपाल ने बताया कि बस्तर में अब बच्चे स्कूलों में जा रहे हैं, अस्पताल खुल रहे हैं और ग्रामीण सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने औद्योगिक क्रांति, सेमीकंडक्टर के आगमन, पावर हब बनने और बड़े निवेश की ओर भी इशारा किया।

विज्ञापन


वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर में ध्वजारोहण करते हुए कहा कि जहां कभी नक्सली हिंसा के कारण विकास बाधित था, वहीं आज सुशासन की सरकार बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में, छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर को माओवाद के भय से मुक्त कर विकास और विश्वास के नए युग की ओर ले जा रही है। 
 

मुख्यमंत्री ने बताया कि गणतंत्र दिवस 2026 पर बस्तर के 47 ऐसे गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जहां कभी यह संभव नहीं था। यह आयोजन शांति, लोकतंत्र और विकास की विजय का प्रतीक बना।
विज्ञापन


बीते दो वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त रणनीति, सुरक्षाबलों की कार्रवाई और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बस्तर संभाग में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 59 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे दुर्गम गांवों में सुरक्षा और प्रशासन की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित हुई है। 

इन प्रयासों के चलते, जहां पिछले वर्ष 53 गांवों में गणतंत्र दिवस मनाया गया था, वहीं इस वर्ष 47 नए गांवों में पहली बार यह राष्ट्रीय पर्व आयोजित हुआ। बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिलों के कई गांवों में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना से न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पहुंच रही हैं। यह परिवर्तन उन दूरस्थ अंचलों में ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है, जहां कभी नक्सली हिंसा के कारण सामान्य जनजीवन बाधित था।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें