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CG News: शराब घोटाले मामले में IAS अनिल टुटेजा को हाई कोर्ट से राहत,अग्रिम जमानत मंजूर; जांच में सहयोग की शर्त

Tue, 05 May 2026 02:05 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को अग्रिम जमानत देते हुए उन्हें सशर्त राहत प्रदान की है। कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि की दो जमानत पर रिहाई का आदेश दिया है। 
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को अग्रिम जमानत देते हुए उन्हें सशर्त राहत प्रदान की है। कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि की दो जमानत पर रिहाई का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि उन्हें जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना होगा।
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अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि यदि टुटेजा जांच में बाधा डालते हैं या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं, तो जांच एजेंसी को उनकी जमानत रद्द कराने के लिए अदालत में आवेदन करने का अधिकार रहेगा।

पहले याचिका खारिज, अब मिली राहत
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी मामले में हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि अब सशर्त अग्रिम जमानत मिलने के बावजूद उनके तत्काल जेल से बाहर आने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जा रही है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने अनिल टुटेजा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और भारतीय दंड संहिता की धारा 420 व 120बी के तहत केस दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर झारखंड में अवैध शराब कारोबार के लिए एक संगठित सिंडिकेट तैयार किया। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर झारखंड की आबकारी नीति में बदलाव कर अपने पक्ष के ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया और इसके जरिए बड़े पैमाने पर अवैध कमाई की गई। 
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अपनी याचिका में टुटेजा ने गिरफ्तारी को लेकर साजिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें लगातार जेल में रखने के लिए एक के बाद एक नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि झारखंड में दर्ज एफआईआर में उन्हें आरोपी तक नहीं बनाया गया है। टुटेजा ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई एजेंसियों द्वारा जांच और छापेमारी के बावजूद उनके पास से कोई अवैध संपत्ति या ठोस सबूत बरामद नहीं हुआ है।

सरकार का कड़ा रुख
वहीं, राज्य सरकार ने अदालत में जमानत का विरोध करते हुए टुटेजा को कई मामलों का मुख्य साजिशकर्ता बताया। सरकारी पक्ष का कहना है कि उन्होंने विभिन्न घोटालों में अहम भूमिका निभाई और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया।
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