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कस्टम मिलिंग घोटाला: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जेल भेजे गए

Tue, 13 Oct 2026 09:45 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ के कथित 140 करोड़ रुपये के कस्टम मिलिंग घोटाले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को ईडी की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड पूरी होने के बाद विशेष अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

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कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के कथित कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद विशेष अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। जांच एजेंसी ईडी ने पांच दिनों तक उनसे इस पूरे घोटाले से जुड़ी कड़ियों और वित्तीय लेनदेन को लेकर गहन पूछताछ की। रिमांड की अवधि खत्म होने पर ईडी की टीम ने उन्हें दोबारा अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से न्यायाधीश ने आरोपी नेता को न्यायिक रिमांड पर भेजने का निर्णय सुनाया।

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पूछताछ के बाद अदालत में पेशी
करीब 140 करोड़ रुपये के कथित कस्टम मिलिंग घोटाले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने आरोपी कांग्रेस नेता को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के पश्चात एजेंसी ने मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल और पूछताछ के लिए अदालत से पांच दिन की कस्टडी मांगी थी। अदालत से अनुमति मिलने के बाद ईडी ने उनसे लगातार पूछताछ की। रिमांड अवधि पूरी होते ही ईडी ने अदालत को सूचित किया कि पूछताछ पूरी कर ली गई है। इसके पश्चात अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। अब वे न्यायिक रिमांड की अवधि तक जेल में रहेंगे।

क्या है कस्टम मिलिंग मामला
यह पूरा मामला खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के दौरान धान की कस्टम मिलिंग के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। उस दौरान प्रोत्साहन राशि को 40 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर सीधे 120 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस बढ़ी हुई राशि की आड़ में राइस मिल मालिकों से दो किस्तों में 20-20 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से वसूली की गई। इस प्रकार एकत्र की गई भारी-भरकम राशि का कथित उपयोग पार्टी फंड के लिए किया गया। इसी अवैध लेनदेन और राशि संग्रह को लेकर ईडी गहनता से जांच कर रही है।
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रायपुर जेल में पहले हुई पूछताछ
ईडी इस बहुचर्चित मामले में वर्ष 2024 में ही अदालत के समक्ष आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। हालांकि, उस समय कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ संभव नहीं हो पाई थी। जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी के अधिकारियों ने पहले रायपुर जेल में जाकर उनसे तीन दिनों तक लंबी पूछताछ की थी। इसके बाद आगे के तथ्यों को सामने लाने के लिए एजेंसी ने उन्हें औपचारिक तौर पर कस्टडी रिमांड पर लिया। अब पांच दिन की कस्टोडियल पूछताछ पूर्ण होने के बाद अदालत के निर्देश पर उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। 

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