केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) घोटाले की जांच अपने हाथ में ले ली है। आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन, अधिकारियों और राजनेताओं के परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को 2020-22 के दौरान जिला कलेक्टर, डिप्टी एसपी समेत अन्य अहम पदों पर नियुक्त किया गया था। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि तत्कालीन चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी, तत्कालीन सचिव जेके ध्रुव और अन्य पर मामला दर्ज किया गया है।
सीबीआई ने रायपुर और भिलाई में सोनवानी, जेके ध्रुव और अन्य के आवासीय परिसरों पर छापा मारा। आरोप है कि सोनवानी के बेटे नितेश का चयन डिप्टी कलेक्टर, उनके बड़े भाई के बेटे साहिल का चयन डिप्टी एसपी, उनकी बहन की बेटी सुनीता जोशी का चयन श्रम अधिकारी, उनके बेटे की पत्नी निशा कोसले का चयन डिप्टी कलेक्टर और उनके भाई की बहू दीपा आदिल का चयन जिला आबकारी अधिकारी के पद पर किया गया। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि मेरिट सूची में क्रमांक 1-171 तक स्थान पाने वाले अभ्यर्थी कथित रूप से सरकारी अधिकारियों, राजनेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों से रिश्तेदार हैं।