बीजेपी पार्टी अपनी नाकामियों को छिपा रही
कोमल हुपेंडी ने कहा कि ईडी ने पत्र लिखकर बताया कि राज्यसभा सांसद संजय सिंह का नाम गलती से चार्जशीट में आया। ईडी ने अपनी गलती स्वीकार की है। इससे स्पष्ट होता है कि यह पूरा मामला ही फर्जी है। मोदी सरकार आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल जी से डर गई है। बीजेपी शुरु से ही बेबुनियाद आरोप लगाती रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जांच एजेंसियों को आगे करके अरविंद केजरीवाल जी और पार्टी के अन्य नेताओं की छवि खराब करने कोशिश कर रही है। बीजेपी अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है।
आप का क्रांतिकारी नेता भाजपा के आगे नहीं झुकेगा
आप प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार की नाकामियों उजागर होने लगी हैं। आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने से बीजेपी पूरी तरह से डरी हुई है। ऐसे में स्पष्ट होता है कि आम आदमी पार्टी की छवि बिगड़ने के लिए बीजेपी और उनके नेताओं ने इस तरह का षड्यंत्र रचा, इसके बावजूद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेता बीजेपी के सामने झुके नहीं, कभी डरे नहीं। उन्होंने कहा कि बीजेपी जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर डराने, धमकाने और दबाने का काम कर रही है। लेकिन आम आदमी पार्टी का एक-एक क्रांतिकारी कार्यकर्ता ना कभी झुका है और ना कभी झुकेगा।
विपक्ष को दबा रही भाजपा
कोमल हुपेंडी ने कहा कि भाजपा की तानाशाही, अत्याचार और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को पूरा देश देख रहा है और समय आने पर जनता इसका जवाब भी देगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा विकास की राजनीति की है। विकास के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाती है। लेकिन बीजेपी आम आदमी पार्टी के बढ़ते जनाधार से घबरा गई है। अब तक पार्टी के नेताओं पर जो भी आरोप लगाए गए उसका कोई आधार नहीं है। इसका उदाहरण सबके सामने आ गया है। ईडी ने माफी मांग कर जग जाहिर कर दिया है।
कोमल हुपेंडी का दावा शराब घोटाला मामला पूरी तरह फर्जी
कोमल हुपेंडी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह नाम प्रधानमंत्री कार्यालय से दबाव डालकर डलवाया गया। यह पूरा मामला फर्जी है। एक रुपए की भी बेइमानी साबित नहीं हुई है। क्योंकि यह जो पूरा मामला है यह अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए केंद्र सरकार का और प्रधानमंत्री कार्यालय का एक षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के नाम डाला जाए। जबरदस्ती उनसे पूछताछ की जाए। फर्जी मामलों में उनको गिरफ्तार किया जाए। ईडी आज पूरे देश के सामने शर्मसार हो गई है। पूरी केंद्र सरकार के लिए आज बहुत शर्मसार करने वाला दिन है कि आज लिखित में माफी मांगकर ईडी ने अपनी गलती सुधारी है।