रायपुर में आयोजित राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक में प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विकास को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछड़ा वर्ग कल्याण को और प्रभावी बनाने के लिए अलग से संचालनालय गठन की दिशा में पहल करने की बात कही।
बैठक में OBC समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग निवास करते हैं, जिनके समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी चुनौतियों को दूर करने के लिए योजनाओं को और गति दी जाएगी।
सरकार की ओर से बताया गया कि पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विकास के लिए अलग विभाग का गठन किया जा चुका है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। इसके साथ ही विभिन्न विकास बोर्डों और आयोगों के माध्यम से भी इन वर्गों के हितों पर काम किया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान देते हुए नए छात्रावास भवनों के निर्माण, आश्रम और आवासीय विद्यालयों की स्थापना तथा छात्रवृत्ति योजनाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति को ऑनलाइन माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के खातों में भेजने की व्यवस्था लागू की गई है, जिसके लिए बजट में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण की योजना भी लागू की जा रही है, जिसमें इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे और बैंकिंग जैसी परीक्षाएं शामिल हैं। छात्रों के समग्र विकास के लिए शैक्षणिक भ्रमण की सुविधा भी दी जाएगी।
सरकार ने “मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना” के तहत ऐसे विद्यार्थियों को आर्थिक मदद देने का प्रावधान किया है, जिन्हें छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता। वर्तमान में OBC वर्ग के लिए 55 छात्रावास संचालित हैं, जबकि नए बजट में रायगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी भरतपुर, धमतरी, रायपुर और जशपुर सहित छह जिलों में नए पोस्ट मैट्रिक छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं।
बैठक में परिषद के सदस्यों ने भी विभिन्न सुझाव रखे, जिन पर सरकार ने सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया।