आरोपियों के साथ अन्य संदेहियों की भी पड़ताल में पुलिस जुटी है। बताया जा रहा है कि करीब चार से पांच लोग इस हत्याकांड में शामिल हैं। अन्य रोपियों को भी पुलिस जल्द गिरफ्तार करने की बात कह रही है। इसके बाद ही पूरी तरह से मामले का खुलासा किया जायेगा।
बताया जा रहा है कि आरोपी इंद्रप्रस्थ फेस-टू में किराये में रूम लेकर रह रहे थे। पूर्व नियोजित प्लान के हिसाब से हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद फ्लाइट से दिल्ली फरार हो गये।
फुटेज-1
इस मर्डर केस में सीसीटीवी फुटेज भी सामने आये हैं। एक फुटेज में दिख रहा है कि आल्टो कार इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के गेट-नंबर एक से गुजर रही है। कार की डिक्की में टीन का पेटी रखकर ले जाया जा रहा है। आल्टो कार का नंबर CG04 B 7700 है। इस दौरान एक महिला सफेद रंग की मोपेड से कार के पीछे चलती दिखाई दे रही है।
फुटेज-2
दूसरे फुटेज में आरोपी दंपति स्कूटी पर सवार होकर गोलबाजार पहुंचते हैं। यहां एक ट्रंक की दुकान से पेटी खरीदते नजर आ रहे हैं। ट्रंक खरीदने के बाद उसे ऑटो में रखकर ले जाते दिख रहे हैं। यह ट्रंक की दुकान शब्बीर नामक व्यक्ति की बताई जा रही है। इन सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
फुटेज - 3
इस फुटेज में दो व्यक्ति कॉलोनी के डी ब्लॉक के लिफ्ट से उतरकर पेटी घसीटकर ले जाते हुए दिख रहे हैं। काफी हड़बड़ाहट में ये पेटी ले जाते हुए देखा जा रहा है। इस दौरान एक युवक लिफ्ट में घुसते हुए दिख रहा है। शंका होने पर वह भी वापस मुड़कर पेटी की तरफ दिख रहा है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी बोल रहे हैं कि आराम से चलो भाई।
पेटी की मॉर्किंग ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस को ट्रंक पर 'हब्बू भाई' नाम की मॉर्किंग दिखाई दी, फिर पुलिस गोलबाजार में पेटी लाइन स्थित शब्बीर स्टील ट्रंक फैक्ट्री (हब्बू भाई की दुकान) पहुंची। इस पर दुकानदार ने बताया कि कुछ दिन पहले ही एक महिला और एक पुरुष सुबह-सुबह पेटी खरीदने के लिये आये थे।
फोरेंसिक टीम ने शव की स्थिति और पैकिंग के तरीके को देखकर इसे एक पूर्व नियोजित हत्या का मामला माना है। मृतक के गर्दन पर धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई है।
आरोपी दंपती की किशोर से पुरानी जान पहचान थी। इस पहचान का फायदा उठाकर उन्होंने किशोर का विश्वास जीता फिर अपनी हैवानियत की खेल को अंजाम दिया।
बताया जाता है कि 60 वर्षीय किशोर पैकरा घर में अकेले रहता था। वह एचएमटी चौक हांडीपारा का रहने वाला था। वह शारीरिक रूप से अक्षम था और व्हीलचेयर से चलता था। बताया जाता है कि किशोर की मोहंदी गांव की जमीन का सौदा आरोपी अंकित उपाध्याय ने करवाया था। जमीन की डील 50 लाख में हुई थी लेकिन किशोर को केवल 30 लाख मिले थे। जब उसने 20 लाख में से 10 लाख मांगे तो आरोपी दंपती उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। पुलिस ने इस केस में दो प्रॉपर्टी डीलर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस को शक है कि उनकी भी जमीन के सौदे या हत्या में साजिश हो सकती है।