फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑपरेशन साइबर शील्ड: रायपुर पुलिस ने फर्जी ऐप के जरिए ठगी करने वाले दो युवक को राजस्थान से गिरफ्तार किया

Thu, 12 Feb 2026 02:02 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

राजधानी में ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच रायपुर रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी लिंक और संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले दो आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी में ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच रायपुर रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी लिंक और संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले दो आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देशन में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पृथ्वी कुमार बिश्नोई उर्फ राहुल (20), निवासी बाड़मेर और नरसिंह सिंह (24), निवासी जोधपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं।
विज्ञापन


मामले का खुलासा तब हुआ जब धर्मेंद्र सिंह ने विधानसभा थाना में शिकायत दर्ज कराई। उन्हें RTOechallan के नाम से एक संदेश मिला था। लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से 4.52 लाख रुपये निकल गए। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर रेंज साइबर थाना ने जांच शुरू की। पुलिस ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन, गूगल डेटा, मोबाइल सेवा प्रदाताओं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से प्राप्त तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया। डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों की लोकेशन राजस्थान में मिली, जहां दबिश देकर उन्हें पकड़ा गया।

जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और यूट्यूब पर “Instant Bonus”, “Task Complete”, “Referral Income” जैसे प्रलोभन देकर Winmate और Wingo नामक ऐप डाउनलोड करवाते थे। ये ऐप आधिकारिक स्टोर पर उपलब्ध नहीं होते थे। इंस्टॉल करते ही यूजर के मोबाइल से “SMS Task” के नाम पर बड़ी संख्या में फर्जी लिंक और ई-चालान भेजे जाते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति लिंक खोलता, उसका फोन हैक कर बैंक खाते या ई-वॉलेट से रकम निकाल ली जाती थी।
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार आरोपियों ने रकम को ट्रैक से बचाने के लिए क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए महंगे सामान की ऑनलाइन खरीदारी की और अलग-अलग राज्यों में डिलीवरी कराई, जिससे पैसों का स्रोत छिपाया जा सके। इसी तरह के एक अन्य मामले में WinGo ऐप के जरिए ठगी करने वाले तीन आरोपियों को महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस की सलाह
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें। आसान कमाई या गारंटीड मुनाफे के लालच में न आएं। किसी भी अज्ञात लिंक या APK फाइल पर क्लिक न करें और संदिग्ध स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें