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CG News: पहले घर से बाहर निकलना था मुश्किल, लोग क्या-क्या न कहते थे; 'द टी एक्सप्रेस' बनी दिव्यागों का सहारा

Thu, 02 Jul 2026 02:58 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

'The Tea Express' in Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट स्थित स्टॉल 'द टी एक्सप्रेस' दिव्यांग के चेहरे पर मुस्कान बिखेर रही है। उन्हें सशक्त बना रही है। उनके सपनों को पंख लगा रही है।
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'द टी एक्सप्रेस' बना दिव्यागों का सहारा - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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'The Tea Express' in Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट स्थित स्टॉल 'द टी एक्सप्रेस' दिव्यांग के चेहरे पर मुस्कान बिखेर रही है। उन्हें सशक्त बना रही है। उनके सपनों को पंख लगा रही है। शांति नगर की दिव्यांग उद्यमी गिरजा जलचत्री ने रायपुर में डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट के पास अपने स्टॉल 'द टी एक्सप्रेस' के जरिए दूसरे दिव्यांग लोगों को सशक्त बना रही हैं।

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एडवोकेट रंजीश झा कहते हैं कि यह पहल सरकार और हमारे एडवोकेट्स एसोसिएशन ने दिव्यांग लोगों के लिए की है... यहाँ बहुत अच्छी व्यवस्था है और ये लोग अपने मेहमानों के साथ सेवा और प्यार से पेश आते हैं। यह एक बहुत अच्छी पहल है।"
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'द टी एक्सप्रेस' की एम्प्लॉई सुरेखा सोनकर कहती हैं कि मैं 80% दिव्यांग हूँ और डिस्ट्रिक्ट काउंसिल कोर्ट की कैंटीन में काम करती हूँ। पहले घर से बाहर निकलना भी मुश्किल था, लेकिन गिरजा दीदी से जुड़ने के बाद मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ा। हमने दिव्यांग साथियों को ट्राइसाइकिल, मेडिकल सर्टिफिकेट और सरकारी स्कीम का फायदा दिलाने में मदद की। आज मैं सेल्फ-रिलायंस हूँ और किसी पर डिपेंडेंट नहीं हूं। "

 
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स्पेशली-एबल्ड एंटरप्रेन्योर गिरजा जलचत्री कहती हैं कि एक समय था जब मुझे नहीं लगता था कि दिव्यांग लोग जिंदगी में कुछ हासिल कर सकते हैं। मुझमें सेल्फ-कॉन्फिडेंस की कमी थी। मुझे हमेशा लगता था कि लोग मुझे देखकर हंसेंगे या मेरा मजाक उड़ाएंगे, लेकिन बैरन बाजार में विमेंस पॉलिटेक्निक कॉलेज में कंप्यूटर कोर्स के दौरान दूसरे दिव्यांग साथियों को देखकर मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ा। मैं समर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़ी और दिव्यांग लोगों को सरकारी स्कीम और रोजी-रोटी से जोड़ने का काम शुरू किया। आज हमारी टीम में 10 मेंबर हैं, जिनमें से दो नॉन-डिसेबल्ड हैं और बाकी दिव्यांग कैटेगरी से हैं।"

 

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