छत्तीसगढ़ में इन दिनों पीलिया ने कहर ढाया हुआ है। राज्य में पीलिया से 17 मौतें हो चुकी हैं।
ऐसे में एक तरफ तो प्रशासन के सामने बीमारी से निपटने की चुनौती है दूसरी तरफ मंत्रियों के बेतुके बयानों से विवाद खड़ा हो गया है।
यहां महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशिला साहू ने दुर्ग में कहा कि जो पीलिया फैल रहा है उसके लिए प्रशासन जिम्मेदार नहीं है। उन्हें ऊपर उंगली करते हुए कहा कि इसके लिए भगवान जिम्मेदार है।
दूसरी तरफ स्वास्थ मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि इसमें मेरी कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं है। लोगों का खानपान गड़बड़ है तो बीमारियां तो होंगी ही। इसमें शासन का क्या दोष है।
अकेले रायपुर में पिछले दस दिनों के भीतर आठ लोगों की इस वजह से मौत हुई है। पड़ोसी ज़िला दुर्ग में भी अब तक कम से कम नौ लोगों की मौत पीलिया से हो गई है।
राज्य के अलग-अलग इलाकों से भी बीमारी के फैलने की लगातार खबरें आ रही हैं। राजधानी रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में सैकड़ों की संख्या में पीलिया के मरीज भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक़ राजधानी रायपुर में रविवार को कम से कम 1292 ऐसे लोगों के रक्त के नमूने लिए गए हैं, जिनके पीलियाग्रस्त होने की आशंका है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जाँच शिविरों में पहुँचने वाले एक चौथाई से अधिक लोग पीलिया से प्रभावित हो सकते हैं।