छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक अमले और राजनीतिक गलियारों में चल रही तमाम अटकलों को विराम लगाते हुए रायपुर के जिलाधिकारी आईएएस ओ पी चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बनने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। चौधरी ने सोशल मीडिया पर भी अपने फैसले के बारे में जानकारी दी है।
हालांकि राज्य भाजपा में महामंत्री संतोष पांडेय ने ‘‘भाषा’’ को बताया की चौधरी के भाजपा में शामिल होने के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
छत्तीसगढ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यहां बताया कि वर्ष 2005 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी चौधरी ने अपना इस्तीफा शासन को भेज दिया है।
चौधरी को राज्य के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में शिक्षा में बदलाव लाने का श्रेय दिया जाता है। उनके भाजपा के टिकट से रायगढ़ जिले के प्रतिष्ठित खारसिया सीट से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर अटकलें लगायी जा रही हैं।
खरसिया विधानसभा सीट छत्तीसगढ़ के प्रमुख विधानसभा सीट में से एक है। यह सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है और यहां से अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस के कद्दावर नेता अर्जुन सिंह भी चुनाव लड़ चुके हैं।
वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों से पहले बस्तर के दरभा क्षेत्र में झिरम घाटी नक्सली हमले में मारे गए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल खरसिया विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक हैं।