राजधानी रायपुर में रिंग रोड नंबर-1 पर सरोना से लाभांडी के बीच सर्विस रोड के चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 14.25 किलोमीटर लंबे हिस्से में दोनों तरफ सर्विस रोड को 10-10 मीटर चौड़ा करने के लिए टेंडर जारी किया है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये है और टेंडर 28 अक्टूबर को खोले जाएंगे। पिछले पांच वर्षों में इस मार्ग पर हुए हादसों में 100 से अधिक लोगों की मौत होने की जानकारी के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह मार्ग मुंबई-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग-53 का हिस्सा है। परियोजना को फरवरी में मंजूरी मिलने के बाद अब इसके क्रियान्वयन की उम्मीद बढ़ी है। शनिवार को भी इस मार्ग पर सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत होने की खबर सामने आई, जिससे यहां यातायात सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सर्विस रोड की बदहाली से बढ़ रहा हादसों का खतरा
रिंग रोड पर दुर्घटनाओं की प्रमुख वजहों में सर्विस रोड की खराब स्थिति, अतिक्रमण और मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव शामिल हैं। सरोना से लाभांडी तक स्वीकृत सर्विस रोड की चौड़ाई 40 फीट बताई गई है लेकिन अतिक्रमण के कारण कई स्थानों पर यह सिमटकर 10 से 15 फीट रह गई है। इससे वाहन चालकों को मुख्य मार्ग की लेन का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
तेलीबांधा से वीआईपी चौक के बीच स्थित खतरनाक कट और यातायात सिग्नलों की खराब व्यवस्था भी परेशानी बढ़ाती है। इसके अलावा सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मरों को हटाने की प्रक्रिया लंबित होने से चौड़ीकरण के काम में बाधा आने की आशंका है।
अतिक्रमण हटाना बना चुनौती
सर्विस रोड पर अतिक्रमण की समस्या कई स्थानों पर गंभीर है। रायपुरा चौक से आगे सरोना मार्ग पर होटल, दुकान, शोरूम और गैरेज संचालकों द्वारा सर्विस रोड की जगह पर कब्जा किए जाने की बात सामने आई है। तेलीबांधा, भाठागांव, संतोषी नगर और न्यू राजेंद्र नगर क्षेत्रों में भी ऐसी समस्याएं बताई गई हैं।
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सुंदरनगर चौक के पास करीब 10 वर्ष पहले टोल प्लाजा के लिए बनाया गया ढांचा भी अब तक नहीं हटाया जा सका है। ऐसे में सरोना से लाभांडी तक सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हटाना और चौड़ीकरण का काम समय पर पूरा करना संबंधित एजेंसियों के लिए चुनौती होगी।
चौड़ीकरण परेशानी होगी कम
परियोजना पूरी होने के बाद हाईवे से लगे रिहायशी इलाकों के लोगों को यातायात जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। लाभांडी, तेलीबांधा, पचपेड़ी नाका, संतोषी नगर, भाठागांव अंतरराज्यीय बस स्टैंड और सरोना के आसपास रहने वाले लोगों की आवाजाही सुगम हो सकती है।
फिलहाल इस मार्ग पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सर्विस रोड पर जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। चौड़ीकरण के साथ यदि खतरनाक कटों में सुधार, यातायात सिग्नलों को दुरुस्त करने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी प्रभावी ढंग से की जाती है तो सड़क सुरक्षा में सुधार हो सकता है। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है। परियोजना का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि चौड़ीकरण के साथ सड़क की अन्य समस्याओं का समाधान कितनी प्रभावी ढंग से किया जाता है।