रायगढ़ जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर कोड़ातराई गांव में एयरपोर्ट के लिये जमीन अधिग्रहित की जानी है। इस क्षेत्र के आधे दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीण लगातार इसका विरोध करते आ रहे हैं। इसी क्रम में आज ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रस्तावित एयरपोर्ट को निरस्त करने की मांग की है।
रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोड़ातराई, बेलपाली, जकेला और औरदा के ग्रामीणों के द्वारा मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश को सौंपे गए ज्ञापन पत्र में कहा गया है कि कोड़ातराई एयरपोर्ट के लिये अधिग्रहित किये जाने वाली जमीन नहर से सिंचित ट्यूबवेल एवं दो फसीय जमीन है। यहां की जमीन से कई परिवार के जीवन यापन करने का एकमात्र साधन है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा है कि एयरपोर्ट के कारण एनएच 153 भी बीच में पड़ने के कारण शासन को पुर्ननिर्माण अत्याधिक आर्थिक बोझ पड़ेगा और पुसौर से एनटीपीसी लारा के साथ ओडिसा के बरगढ जाने वाली सड़क प्रभावित हो रही है।
किसानों ने कहा है कि उनके बिना सहमति के एयरपोर्ट का निर्माण कार्य करना उनके हित की अनदेखी एवं जबरदस्ती है। एयरपोर्ट अधिग्रहण में आने वाली चारो गांव के बस्ती के रहवासी बेघर होंगे और उनका रोजगार भी प्रभावित होगा।
ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि अधिग्रहित किये जाने वाले चारो गांव की सीमा के बीच से एयरपोर्ट निर्माण के कारण किसानों को खेती किसानी के लिये 10 किलोमीटर घुमकर अपने खेतों तक पहुंचना पड़ेगा जो कि किसानों के प्रति ज्यादती होगी।
पुसौर क्षेत्र के ग्राम कोड़ातराई, बेलपाली, जकेला और औरदा के बुदंराम पटेल, जीतन, जगदीश प्रसाद साहू बृजलाल साव, दाताराम साव, राजकुमार साव के अलावा अन्य किसानों ने आज जिला मुख्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए किसानों एवं गरीब मजदूरों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित एयरपोर्ट को निरस्त करने के लिये आवश्यक कदम उठाये जाने की मांग की गई है।