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Raigarh: जिंदल कंपनी में नौकरी लगवाने के नाम पर 30 लाख रूपये की ठगी, पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल

Tue, 03 Dec 2024 06:51 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़

सार

रायगढ़ जिले में जिंदल कंपनी में नौकरी लगाने के नाम पर 30 लाख रूपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रायगढ़ जिले में जिंदल कंपनी में नौकरी लगाने के नाम पर 30 लाख रूपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ठगी के मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक बिलासपुर निवासी कौशल प्रसाद कौशिक 66 वर्ष के साथ 30.61 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने 01 दिसंबर को रायगढ़ के सिटी कोतवाली थाने में लिखित शिकायत की गई। कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई कर इस बड़े फर्जीवाड़े में मुख्य आरोपी यशवंत पटनायक को गिरफ्तार कर लिया है। धोखाधड़ी में शामिल अन्य आरोपी सतीश साहू और निर्मला निषाद की तलाश जारी है।

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इस तरह हुई ठगी 
पीड़ित ने बताया कि घटना की शुरुआत 2016 में हुई, जब गेवरा परियोजना में कार्यरत कौशल प्रसाद ने अपने सहकर्मी के रिश्तेदार श्रीमती निर्मला निषाद से बच्चों की नौकरी के बारे में चर्चा की। निर्मला ने रायगढ़ निवासी सतीश साहू का परिचय दिया। सतीश ने नौकरी का झांसा देकर कौशल प्रसाद से पहले 1 लाख 17 हजार रुपये नकद और बैंक खातों में मंगवाए। वर्ष 2018 में सतीश ने यशवंत पटनायक निवासी ग्राम गोढ़ी, तमनार से मुलाकात कराई, जिसने जिंदल कंपनी में नौकरी दिलाने और जमीन दिलाने का झांसा देकर 29 लाख 44 हजार 800 रुपये की ठगी की। कुल मिलाकर आरोपियों ने 30 लाख 61 हजार 800 रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। 

कम कीमत पर जमीन दिलाने का झांसा
वर्ष 2022 में यशवंत ने फिर ठगी का नया जाल बिछाया। उसने जिंदल कंपनी के सोलर प्लांट के लिए गोढ़ी गांव में जमीन चिन्हित होने और बाजार मूल्य से कम कीमत पर जमीन दिलाने का झांसा दिया। कौशल प्रसाद और उनके मित्र ने जमीन देखने गए, लेकिन गांव में जमीन या कागजात के बारे में कोई प्रमाण नहीं मिला। जब पैसे वापस मांगने की बारी आई, तो यशवंत ने अप्रैल 2024 में पंजाब नेशनल बैंक का 10 लाख रुपये का चेक व्हाट्सएप पर भेजा। बैंक जाने पर पता चला कि यशवंत का खाता दो साल पहले ही बंद हो चुका है।  
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1 दिसंबर को हुआ था एफआईआर
ठगी का शिकार होने के बाद कौशल प्रसाद ने 1 दिसंबर को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना कोतवाली में आरोपी सतीश साहू, यशवंत पटनायक और आरोपिया निर्मला निषाद के विरूद्ध धारा 420, 34 भादंवि के तहत पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी यशवंत पटनायक पिता स्व. विश्वनाथ पटनायक उम्र 49 साल निवासी ग्राम गोढ़ी, थाना तमनार जिला रायगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। यशवंत ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने बैंक खाते और फोन पे के जरिए करीब 10 लाख रुपये हड़पे हैं। पुलिस ने आरोपी यशवंत पटनायक को रिमांड पर भेजा गया है, फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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