फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रायगढ़: बैल चराने को लेकर हुए विवाद में राम चौहान के साथ मारपीट, पिटाई के बाद हुई मौत, आरोपी को आजीवन कारावास

Sat, 20 Sep 2025 06:38 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़

सार

रायगढ़ जिले में बैल चराने नही ले जाने की बात पर रत्थूलाल चौहान ने अपने पिता के मामा राम चौहान के साथ इस कदर मारपीट कर दी कि उसकी मौत हो गई। 
विज्ञापन
आरोपी को आजीवन कारावास - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रायगढ़ जिले में बैल चराने नही ले जाने की बात पर रत्थूलाल चौहान ने अपने पिता के मामा राम चौहान के साथ इस कदर मारपीट कर दी कि उसकी मौत हो गई। अपर सत्र न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि 04 दिसंबर 2022 की दोपहर 1 बजे कांशीराम चौहान ने सरपंच जयप्रकाश पैकरा, बसंत प्रधान एवं नमूसाय यादव के साथ लैलूंगा थाना पहुंचकर बताया कि 02 दिसंबर की शाम 4 बजे रिश्तेदारी क्रियाकर्म में सम्मिलित होनें के लिये उसकी पत्नी हीरामोती, बेटी निर्मला के साथ ग्राम बांसडांड गया था। 03 दिसंबर को दोपहर 3 बजे गांव वाले फोन करके बताया कि तुम्हारे मामा राम चौहान को रत्थू लाल चौहान 25 साल,  ने हाथ, मुक्का एवं लात से मारपीट कर जमीन में घसीटा है जिससे चेहरा, पैर में चोट आने से खून निकला है।

विज्ञापन


इस सूचना पर वह ग्राम नवीन कुंजारा पहुंचा तो देखा कि राम चौहान खाट में सोया हुआ था, पूछताछ करने पर उसने बताया कि बैल चराने के लिये नही ले गया इस कारण नाती रत्थु चौहान  ने उसके साथ मारपीट की है। 04 दिसंबर की सुबह 7 बजे राम चौहान की मौत हो गई।  इस सूचना के बाद लैलूंगा थाना में अभियुक्त रत्थूलाल चौहान  के खिलाफ अपराध दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में लिया गया। इस दौरान परिजनों के बयान लेने के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 302 भारतीय संहिता के तहत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। 

इस मामले में अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा के विद्वान न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने दोनों पक्षों की सुनवाई पश्चात आरोपी रत्थु लाल चौहान  को धारा 302 के तहत राम चौहान की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 1 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड न पटाने पर एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताने को कहा गया है। इस मामले में अपर लोक अभियोजक राजेश ठाकुर ने पैरवी की।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें