रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों करन चौधरी, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। एसएसपी शशिमोहन सिंह ने इसकी जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के सबसे बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से एक करोड़ रुपये से अधिक की नगदी रकम, नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से आरोपियों का ब्लैक मनी नेटवर्क भी ध्वस्त हुआ है।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने बताया कि यह ऑनलाइन सट्टेबाजी केवल जुए तक सीमित नहीं थी। इसके जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन, ब्लैक मनी का संचलन और हवाला नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस ने सट्टे से अर्जित अवैध धन को वैध बनाने के प्रमाण भी जुटाए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में करन चौधरी, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल शामिल हैं। पुलिस ने कुल 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसमें 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नकद शामिल हैं। 26 अप्रैल को साइबर सेल और थाना टीमों ने पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनसे करीब ढाई लाख रुपये के मोबाइल और 15 हजार 490 रुपये नगदी जब्त हुई थी।
विज्ञापन
पूछताछ में करन चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के इशारे पर नेटवर्क चलने की जानकारी मिली। जांच में पता चला कि करन चौधरी रायगढ़ से दिल्ली तक ऑनलाइन सट्टे का संचालन कर रहा था। वह सट्टे से मिली बड़ी रकम को परिचित कारोबारियों और व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से कैश डंप करता था। बाद में इसे हवाला चैनल के जरिए आगे भेजा जाता था। पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील अग्रवाल इस मनी मूवमेंट नेटवर्क के अहम हिस्से थे। वे ब्लैक मनी को हवाला के जरिए सफेद करने का कार्य कर रहे थे।
कृष्ण प्राइड टावर में छापा
करन चौधरी से मिली सूचना पर पुलिस ने कृष्ण प्राइड टावर स्थित फ्लैट में छापा मारा। वहां से सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नकद और पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद जब्त हुए। पुलिस ने पाया कि आरोपी जांच एजेंसियों से बचने के लिए कर्मचारियों के खातों का उपयोग करते थे। करन चौधरी के खिलाफ जुआ-सट्टा, मारपीट और अपहरण सहित कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इस सिंडिकेट में फरार आरोपी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार की अहम भूमिका है। उसकी गिरफ्तारी से और आरोपियों के पकड़े जाने की संभावना है।