जड़ी-बूटी बेचने के बहाने चोरी करने वाले गिरोह के चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा 5 राउंड व दो लाख 36 हजार नगद जब्त किया है।
पुलिस कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी सदानंद कुमार ने बताया कि माह मार्च के अंतिम सप्ताह में तीन दिन लगातार चक्रधरनगर, जूटमिल और कोतरारोड़ क्षेत्र में सिलसिलेवार चोरी की घटना घटित हुई। मामले को सुलझाने पुलिस टीम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी।
इस बीच प्राप्त फुटेज पर संदिग्ध के हुलिए दूसरे वारदात के फुटेज से मिलान हो रहे थे। संदेहियों के संबंध में चक्रधरनगर कोतरलिया रेलवे स्टेशन के बाहर डेरा लगाने वाले होना पता चला। उनका डेरा खालीकर अन्यत्र जाने की जानकारी मिली। ऐसे में तत्काल साइबर सेल, चक्रधरनगर और जूटमिल की पुलिस द्वारा छापामार कार्रवाई की।
पुलिस ने बताया कि आरोपी बैकुंठपुर (कोरिया) और सासाराम (बिहार) से शहर में घूम-घूम कर शहद बेचने और गौ-हत्या का दोषी होने का दिखावा करने वाले 4 डेरा वाले- किशन खैरवार, राजकुमार खैरवार, चिड़ीमार खैरवार और बीरन खैरवार सभी निवासी पलामू झारखंड को हिरासत में लिया गया।
आरोपियों से एक देशी कट्टा और पांच जिंदा करतूस के साथ नगद दो लाख 36 हजार रुपए और सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए। सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने पिछले साल दिसंबर माह में घरघोड़ा क्षेत्र में हुई चोरी के साथ बीते मार्च के अंतिम सप्ताह में जिले में हो रही सिलसिलेवार नकबजनी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। आरोपियों का एक साथी रामू खैरवार फरार है।
ऐसे करते थे रेकी
आरोपियों से पूछताछ में जानकारी मिली कि सभी पलामू जिले के डाल्टनगंज इलाके के रहने वाले हैं, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में डेरा कर रूकते हैं। वर्तमान में आरोपियों द्वारा जिला कोरिया बैकुंठपुर के महामंदिर महामाया मंदिर रेलवे स्टेशन के पास अपना ठिकाना बनाकर रह रहे थे।
ये लोग अलग-अलग राज्यों के शहरों में दिन के समय घूम-घूम कर शहद बेचने के बहाने से गली मोहल्लों के बंद मकानों की पहचान करते हैं और उसी रात सभी मिलकर चोरियों को अंजाम देते हैं। वे दिन के समय शहद बेचने के अलावा अपने गले में गेरुवा रस्सी डाल कर बताते कि इनसे गौ हत्या हुई है और सहयोग रुपए मांग कर रेकी करते थे और रात में चोरी के लिए अपने साथ बसुला लेकर घूमा करते थे।