छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की पुलिस टीम ने चोरी की बाईक बेचने और और खरीदने वाले नेटवर्क का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चोरी की 21 मोटर सायकल बरामद की गई है। इस मामले में एक अन्य आरोपी फरार है। जब्त मोटर सायकल की कीमत 15 लाख रूपये बताई जा रही है।
पुलिस कंट्रोल रूम रायगढ़ में शनिवार की दोपहर आयोजित प्रेस वार्ता में रायगढ़ पुलिस ने बाईक चोरी का खुलासा करते हुए बताया कि रायगढ़ जिले के अलग-अलग इलाकों से लगातार हो रही बाईक चोरी के संबंध में सभी थाना प्रभारियों को बाईक चोरी करने वाले वालों पर विशेष निगाह रखने को कहा गया था। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि लैलूंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम धौराडांड निवासी सुखदेव चौहान अपने साथी शिव नागवंशी के साथ मिलकर पूंजीपथरा, धरमजयगढ़, ओडिसा से बाईक चोरी कर सस्ते दामों में बेच रहे हैं। इस सूचना के बाद साइबर थाना प्रभारी एवं पूंजीपथरा थाना प्रभारी संयुक्त टीम बनाकर सुखदेव चौहान को हिरासत में लिया गया।
अलग-अलग इलाकों से चोरी की बाईक
सुखदेव चौहान पूछताछ में बताया कि वह अपने साथी शिव नागवंशी के साथ मिलकर बाइक चोरी करता था। जुलाई 2025 में पूंजीपथरा क्षेत्र के सराईपाली बाजार से एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल और अगस्त 2025 में तुमीडीह बाजार से एक पल्सर मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके अलावा मार्च 2026 में थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम पोरिया से एक एचएफ डीलक्स बाइक चोरी करना भी स्वीकार किया।
9 लोगों को बेची चोरी की बाईक
आरोपी सुखदेव चौहान ने पुलिस को बताया कि उसने चोरी की मोटरसाइकिलें कार्तिक राम डूंगडूंग, रामकुमार वैष्णव, केशव यादव, भोजराम पैंकरा, जगदीश पैंकरा, शिवचरण चौहान, सुखचरण चौहान, अमित कुमार नागवंशी और शिवप्रसाद विश्वकर्मा को बेची थीं। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 14 मोटरसाइकिल बरामद की। वहीं आरोपी सुखदेव चौहान द्वारा अपने बाड़ी में छिपाकर रखी गई 7 अन्य मोटरसाइकिल भी जप्त की गई। पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है, जिनकी बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपये है।
पेचकस से करते थे बाईक चोरी
आरोपियों ने बताया कि दोनों पेशे से ड्राइवर हैं और गाड़ियों की मरम्मत का काम भी जानते हैं। इसी वजह से वे पेचकस और अन्य सामान्य औजारों की मदद से आसानी से मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर बाइक चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वे मोटरसाइकिलों को सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते और बाद में सस्ते दामों में बेच देते थे।
आरोपी को भेजा गया जेल
आरोपियों द्वारा संगठित रूप से बाइक चोरी करना स्वीकार किए जाने पर प्रकरण में धारा 112(1) बीएनएस जोड़ी गई है। वहीं चोरी की संपत्ति खरीदने वाले आरोपियों के खिलाफ धारा 317(2),317(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।
इन मामलों का हुआ खुलासा
1-महुआ चौक पूंजीपथरा 1बाइक NS पल्सर 200,
2- सराईपाली बाजार पूंजीपथरा 1बाइक पैसन प्रो,
3-धरमजयगढ़ बस स्टैंड 2 बाइक
4-कोतबा अटल चौक 1 बाइक,
5-सरगीपाली ओड़िसा 5 बाइक,
6-उज्जलपुर ओड़िसा 4 बाइक,
7-लेफरीपारा ओड़िसा 7 बाइक