छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर से लगे एक गांव में छापेमारी की। कार्रवाई करते हुए ब्रांडेड शराब के नाम पर नकली शराब बनाने और उसे खपाने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य की तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, रायगढ़ पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम धनागर निवासी दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू बड़े पैमाने पर नकली और मिलावटी शराब तैयार कर उसे बाजार में खपा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने तत्काल संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद कोतरारोड़ थाना, साइबर थाना और आबकारी विभाग की टीम ने रणनीति बनाकर पहले सूचना का सत्यापन किया।
प्वाइंटर को शराब खरीदने भेजा
पुलिस ने अपने प्वाइंटर को शराब खरीदने के लिए आरोपी के पास भेजा, जिसने गोवा ब्रांड की शराब के दो पौव्वे खरीदे। खरीदी गई शराब के लेबल और होलोग्राम संदिग्ध पाए गए। वहीं, आबकारी अधिकारियों द्वारा शराब की सुगंध और स्वाद की जांच में भी असामान्यता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी।
गाय के कोठे में मिला शराब का जखीरा
पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू बताया और फरार व्यक्ति की पहचान अपने बड़े भाई सुभाष पटेल के रूप में की। तलाशी के दौरान आरोपी के घर परिसर स्थित गाय रखने के कोठे से शराब का ऐसा जखीरा मिला, जिसने जांच टीम को भी चौंका दिया। मौके से रॉयल स्टेज, आईबी, रिजर्व क्वार्टर, गोवा, ब्लैक डॉग, गोल्डन गोवा और किंगफिशर बीयर जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों की पैकेजिंग में बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि यह पूरी शराब नकली और मिलावटी है, जिसे अवैध रूप से तैयार कर बाजार में बेचा जा रहा था।
कोचियों के माध्यम से खपाई जाती थी शराब
आरोपी ने बताया कि वह अपने भाई सुभाष पटेल और सहयोगी विनय सिंह के साथ मिलकर अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से शराब खरीदते थे। इसके बाद उसमें स्प्रिट और अन्य पदार्थों के साथ रेड लेबल चायपत्ती का उपयोग कर शराब की मात्रा बढ़ाई जाती थी। पुरानी उपयोग की गई शराब की बोतलों को एकत्र कर उन्हें साफ किया जाता था और उन पर डुप्लीकेट लेबल तथा नकली होलोग्राम लगाकर दोबारा पैकिंग की जाती थी। तैयार की गई इस नकली शराब को कोचियों के माध्यम से असली शराब के साथ बाजार में उतारा जाता था।
कोरोना काल से चल रहा था कारोबार
संयुक्त टीम की कार्रवाई में विभिन्न पैमानों (पौव्वा, अद्धी और बोतल) में भरी 869 नग नकली शराब, लगभग 240 लीटर शराब, शराब के ढक्कन, स्प्रिट के ड्रम, केटली और खाली बोतलें जब्त की गईं। आरोपियों ने बताया कि नकली शराब की बिक्री से लगभग 2 लाख 16 हजार 245 रुपये का मुनाफा होता था। आरोपी दुष्यंत पटेल ने यह भी स्वीकार किया कि वह कोरोना काल से चोरी-छिपे इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था। आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने फरार आरोपियों सुभाष पटेल और विनय सिंह की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी है।