रायगढ़ जिले में नवरात्र के बाद विजयादशमी के दिन एक मंदिर में पद्चिन्ह मिला है। इस घटना को गांव के ग्रामीण शुभ संकेत मान रहे हैं और अब यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। रायगढ़ जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित पंडरीपानी गांव में स्थित एक मंदिर परिसर में दो तीन जगह पद्चिन्ह मिलने से गांव के ग्रामीण इसे आस्था से जोड़कर और शुभ संकेत मानकर एक बार फिर से माता की भक्ति में डुब गए हैं और अब यहां लोगों की भीड़ जुटनी भी शुरू हो गई है। गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में हवन पश्चात कल शाम 7 बजे मंदिर की साफ-सफाई करने के पश्चात सभी अपने-अपने घर चले गए थे।
बताया जा रहा है कि मंदिर की देखरेख करने वाले कुछ लोग जब रात 9 बजे के आसपास मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मंदिर के बगल में स्थित हनुमान जी के चबुतरा जो कि तुलसी चैरा के आकार में बना हुआ है, उसी चबूतरे में नवजात बच्चे के पैरो के दो निशान मिले हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर में दो तीन जगह ही यह निशान मिले हैं।
गांव के ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अगर कोई बच्चा जाता तो अन्य जगह भी ये निशान मिलते। उनका कहना है कि यह निशान माता रानी के ही हैं। जिसके बाद से यहां पूजा पाठ का दौर शुरू हो गया है और जैसे-जैसे यह खबर फैलते जा रही है मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी है। गांव के ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नवरात्र में यहां पूरे विधि विधान से मां दुर्गा के 9 रूपों की विशेष पूजा अर्चना की गई थी और कल विजयादशमी के दिन मंदिर में माता रानी के पैरो के निशान मिलने से वे इसे एक शुभ संकेत भी मान रहे हैं।