छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थापित उद्योगों में सुरक्षा मानको की कमी के चलते हुए हादसों के बाद श्रम न्यायालय ने कारखाना अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाये जाने के बाद पांच उद्योगों के खिलाफ 8 लाख 83 हजार का जुर्माना लगाया है।
रायगढ़ जिले में स्थापित उद्योगों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते एक के बाद एक लगातार हो रहे हादसों में जहां मजदूरों की मौत हो रही है। वहीं कई मजदूर घायल भी हो रहे हैं। ऐसे मामलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच के बाद अपराधिक प्रकरण बनाकर श्रम न्यायालय में दायर किया था।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उप संचालक राहुल पटेल ने बताया कि श्रम न्यायालय ने ऐसे ही मामलों में कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधानों का उल्लंघन पाये जाने पर जिले के पांच उद्योगों पर 8 लाख 83 हजार अर्थदण्ड लगाया है।
अलग-अलग तारीखों में जिले में संचालित उद्योगों में घटित घटनाओं में मजदूरों की मौत के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने आपराधिक प्रकरण भी श्रम न्यायालय में दायर किया गया है।
इन उद्योगों पर लगा अर्थदण्ड
1. मेसर्स मां मंगला इस्पात कंपनी को 2 लाख 40 हजार रुपये
2. मेसर्स शम्भावी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड को 1 लाख 65 हजार रुपये
3. मेसर्स मां मणी आयरन एंड स्टील कंपनी को 4 लाख 20 हजार रुपये
4. मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड लारा को 50 हजार रुपये
4. एनआर इस्पात को 8 हजार रुपये