रायगढ़ जिले में बेजुबान मवेशियों की वफादारी का एक मामला सामने आया है। जंगल में चारवाहे पर भालू के अचानक हमले के दौरान वहां मौजूद सभी गाय एकजुट होकर मालिक की जान बचाई है। यह पूरा मामला रायगढ़ वन मंडल के बरकछार गांव का है।
रायगढ़ जिले में बेजुबान मवेशियों की वफादारी का एक मामला सामने आया है। जंगल में चारवाहे पर भालू के अचानक हमले के दौरान वहां मौजूद सभी गाय एकजुट होकर मालिक की जान बचाई है। यह पूरा मामला रायगढ़ वन मंडल के बरकछार गांव का है।
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मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ वन मंडल के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरकछार का रहने वाला असीम मिंज, 42 साल जो कि चरवाहे का काम करता है और गांव के गायों को चराता है। कल दोपहर वह अपनी बुआ के सामने गाय चराने जंगल गया था। इसी बीच कटाईघाट जंगल में झाडियो में छुपे एक भालू ने अचानक उस पर हमला कर दिया। इस दौरान बुआ दुर में गाय चरा रही थी। घायल असीम की बुआ मेरियम ने बताया कि भालू के हमले से अपनी जान बचाने असीम मिंज हो हल्ला कर रहा था इस बीच वहां मौजूद सभी गाय एक तरफ एकत्रित हो गए और एक साथ आवाज निकालते हुए भालू की तरफ दौड़ते लगे जिसके बाद भालू वापस जंगल की तरफ चला गया। तब जाकर किसी तरह असीम की जान बच सकी।
बहरहाल भालू के हमले से असीम के हाथ, पैर के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई है जिसके बाद गांव के ग्रामीणों ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया है जहां उसका उपचार जारी है। इस घटना के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।