छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में एक कपड़ा व्यवसायी के घर नगदी रकम के अलावा लाखों रूपये के सोने की बिस्किट, चांदी के जेवरात के अलावा नगदी रकम की चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने उर्दना के पास घेराबंदी कर चलती बस से गिरफ्तार कर लिया है। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जेवरातों को अपने बचपन के दोस्त को देकर वृंदावन में छिपा हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार सोनिया नगर निवासी अनूप अग्रवाल ने घर में हुई बड़ी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 22 जून को वे पत्नी संग बाहर थे और घर पर उनका बेटा आदित्य मौजूद था। उसी रात उसका मित्र पंडित धीरज व तीन स्टाफ आए और देर रात चले गए। अगले दिन स्टाफ के पहुंचने पर आदित्य की तबीयत खराब थी और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। 23 जून को आदित्य ने अलमारी चेक की तो चार सोने के बिस्किट गायब मिले। साथ ही ग्राउंड फ्लोर ऑफिस से 3 लाख 40 हजार रुपये नगद और दो सोने की अंगूठियां भी चोरी हो चुकी थीं। चोरों ने पहचान छिपाने के लिए बुटिक में लगे सीसीटीवी डीवीआर और पीओई स्विच भी निकाल लिए थे। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 331(4),305 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
चोरी का माल रखा था रिजवान
कोतवाली टीआई सुखनंदन पटेल की टीम ने शुरुआती सुरागों से ही अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका का शक गहरा गया। इसी बीच मीर रिजवान ने बताया कि धीरज ने घटना के अगले दिन उसे एक थैला रखने दिया था। उसी आधार पर पुलिस ने उसके पास से चोरी का सारा सोना-चांदी और गहने बरामद किए, जिनकी कीमत 42 लाख रुपये से अधिक आंकी गई।
सीसीटीवी सिस्टम को पंचधारी डेम में फेंका
मुख्य आरोपी धीरज घटना के बाद से फरार था। पुलिस सूचना मिली कि वह वृंदावन से बस में रायगढ़ आ रहा है, जिस पर उर्दना मार्ग पर नाकेबंदी कर बस रोकी गई और आरोपी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में धीरज ने अनूप अग्रवाल के परिवार से जान-पहचान का फायदा उठाकर चोरी करना स्वीकार किया। उसने बताया कि सीसीटीवी सिस्टम निकालकर पंचधारी डेम में फेंक दिया था, जबकि नकदी से पुराने कर्ज चुकाए और सोना-चांदी मीर रिजवान को दे दिया था।
मीर रिजवान को बनाया गया सह आरोपी
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने धीरज के पास से स्कूटी एक्टिवा, इलेक्ट्रिक स्कूटी और एक वनप्लस मोबाइल भी जब्त किया है। मीर रिजवान को चोरी की संपत्ति की जानकारी होते हुए छिपाने का प्रयास करने पर सह-आरोपी बनाया गया और साक्ष्य अनुरूप प्रकरण में धारा 238, 3(5) बीएनएस विस्तारित कर दोनों आरोपियों को रिमांड पर भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी –
1. धीरज शर्मा पिता स्व. रेवतीरमन शर्मा, 28 वर्ष, निवासी गोकुलधाम कॉलोनी, रायगढ़
2. मीर रिजवान अली पिता मीर गजनफर अली, 36 वर्ष, निवासी रियापारा, रायगढ़
अब तक बरामद संपत्ति –
* 4 सोने के बिस्किट, 3 चांदी के सिल्ली, 3 सोने की अंगूठियां (कीमत 42 लाख रुपये)
* स्कूटी एक्टिवा CG 13 AK 5961 (कीमत 60,000 रुपये)
* इलेक्ट्रिक स्कूटी CG 13 AS 9893 (कीमत 50,000 रुपये)
* वनप्लस मोबाइल (कीमत 20,000 रुपये)
कुल कीमत लगभग 43.30 लाख रुपये