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रायगढ़: कपड़ा व्यवसायी के घर लूट का आरोपी गिरफ्तार, वहीं शासकीय कॉलोनी के दो घरों से 45 हजार की चोरी

Tue, 12 Aug 2025 08:38 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़

सार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में एक कपड़ा व्यवसायी के घर नगदी रकम के अलावा लाखों रूपये के सोने की बिस्किट, चांदी के जेवरात के अलावा नगदी रकम की चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने उर्दना के पास घेराबंदी कर चलती बस से गिरफ्तार कर लिया है।
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आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में एक कपड़ा व्यवसायी के घर नगदी रकम के अलावा लाखों रूपये के सोने की बिस्किट, चांदी के जेवरात के अलावा नगदी रकम की चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने उर्दना के पास घेराबंदी कर चलती बस से गिरफ्तार कर लिया है। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जेवरातों को अपने बचपन के दोस्त को देकर वृंदावन में छिपा हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार सोनिया नगर निवासी  अनूप अग्रवाल ने घर में हुई बड़ी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 22 जून को वे पत्नी संग बाहर थे और घर पर उनका बेटा आदित्य मौजूद था। उसी रात उसका मित्र पंडित धीरज व तीन स्टाफ आए और देर रात चले गए। अगले दिन स्टाफ के पहुंचने पर आदित्य की तबीयत खराब थी और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। 23 जून को आदित्य ने अलमारी चेक की तो चार सोने के बिस्किट गायब मिले। साथ ही ग्राउंड फ्लोर ऑफिस से 3 लाख 40 हजार रुपये नगद और दो सोने की अंगूठियां भी चोरी हो चुकी थीं। चोरों ने पहचान छिपाने के लिए बुटिक में लगे सीसीटीवी डीवीआर और पीओई स्विच भी निकाल लिए थे। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 331(4),305 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।

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चोरी का माल रखा था रिजवान
कोतवाली टीआई सुखनंदन पटेल की टीम ने शुरुआती सुरागों से ही अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका का शक गहरा गया। इसी बीच मीर रिजवान ने बताया कि धीरज ने घटना के अगले दिन उसे एक थैला रखने दिया था। उसी आधार पर पुलिस ने उसके पास से चोरी का सारा सोना-चांदी और गहने बरामद किए, जिनकी कीमत 42 लाख रुपये से अधिक आंकी गई।

सीसीटीवी सिस्टम को पंचधारी डेम में फेंका 
मुख्य आरोपी धीरज घटना के बाद से फरार था। पुलिस सूचना मिली कि वह वृंदावन से बस में रायगढ़ आ रहा है, जिस पर उर्दना मार्ग पर नाकेबंदी कर बस रोकी गई और आरोपी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में धीरज ने अनूप अग्रवाल के परिवार से जान-पहचान का फायदा उठाकर चोरी करना स्वीकार किया। उसने बताया कि सीसीटीवी सिस्टम निकालकर पंचधारी डेम में फेंक दिया था, जबकि नकदी से पुराने कर्ज चुकाए और सोना-चांदी मीर रिजवान को दे दिया था।
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मीर रिजवान को बनाया गया सह आरोपी 
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने धीरज के पास से स्कूटी एक्टिवा, इलेक्ट्रिक स्कूटी और एक वनप्लस मोबाइल भी जब्त किया है। मीर रिजवान को चोरी की संपत्ति की जानकारी होते हुए छिपाने का प्रयास करने पर सह-आरोपी बनाया गया और साक्ष्य अनुरूप प्रकरण में धारा 238, 3(5) बीएनएस विस्तारित कर दोनों  आरोपियों को रिमांड पर भेज दिया गया। 

गिरफ्तार आरोपी –
1. धीरज शर्मा पिता स्व. रेवतीरमन शर्मा, 28 वर्ष, निवासी गोकुलधाम कॉलोनी, रायगढ़
2. मीर रिजवान अली पिता मीर गजनफर अली, 36 वर्ष, निवासी रियापारा, रायगढ़

अब तक बरामद संपत्ति –
* 4 सोने के बिस्किट, 3 चांदी के सिल्ली, 3 सोने की अंगूठियां (कीमत 42 लाख रुपये)
* स्कूटी एक्टिवा CG 13 AK 5961 (कीमत 60,000 रुपये)
* इलेक्ट्रिक स्कूटी CG 13 AS 9893 (कीमत 50,000 रुपये)
* वनप्लस मोबाइल (कीमत 20,000 रुपये)
कुल कीमत लगभग 43.30 लाख रुपये

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45 हजार की नकदी पार 
रायगढ़ जिले में अज्ञात चोरों के द्वारा एक के बाद एक चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे अब शासकीय कालोनी में भी चोरी करने से बाज नही आ रहे। इसी क्रम में अज्ञात चोरों ने शासकीय कालोनी के दो सूने मकानों का ताला तोड़कर 45 हजार नगदी रकम की चोरी की घटना को अंजाम दिया है। पुलिस अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उनकी पतासाजी में जुट गई है। मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ के जेडी कालोनी निवासी प्रिया रजक ने थाने में सूचना देते हुए बताया कि वह वर्तमान में प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी रायगढ़ के अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश धरमजयगढ़ पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि राखी का त्यौहार होने से एक दिवस का आकस्मिक अवकाश सहित 09 एवं 10 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश होने से मुख्यालय से बाहर रहने की अनुमति प्राप्त होने के पश्चात् अपने निवास स्थान बिलासपुर गई हुई थी। उन्होनंे थाने में सूचना रिपोर्ट लिखाते हुए  बताया कि 11 अगस्त को जब धरमजयगढ़ पहुंची तो उनके यहां काम करने वाली लक्ष्मी पैंकरा ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि घर के सामने लोहे का दरवाजा एवं मुख्य द्वार का दरवाजा खुला हुआ है।  
 
उन्होंने बताया कि इस सूचना के बाद जब वे मौके पर पहंुची तो देखा कि ताला लगाने वाले दोनों दरवाजों के स्थानों पर कटर से काटा गया था एवं आलामारी खुली हुई थी और घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। साथ ही ड्राज में रखे 25 हजार नगद रकम गायब मिले। अज्ञात चोरों ने सूने मकान का ताला तोडकर नगदी रकम की चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है।  

इसी तरह की दूसरी घटना में उप कोषालय धरमजयगढ़ में सहायक गे्रड 02 में पदस्थ राघवेन्द्र सिंह ने थाने में सूचना देते हुए बताया कि वह शासकीय अटल आवास मकान क्रमांक जी-05 में रहते हैं। उन्होंने थाने में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया कि 08 अगस्त को रक्षाबंधन त्यौहार मनाने अपने गृह ग्राम तिउर, खरसिया गए हुए थे। कल सुबह 10 बजे अपने शासकीय आवास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि घर का ताला टूटा हुआ था। घर के सामानों को चेक करने पर पाया गया कि आलमारी का लाॅक भी टूटा था जहां से अज्ञात चोरों ने 20 हजार रूपये नगदी रकम की चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार हो गए।बहरहाल चोरी के दोनों ही मामलों में धरमजयगढ़ पुलिस अज्ञात चोरों के खिलाफ धारा 305 (ए) 331(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर उनकी पतासाजी में जुट गई है।
 
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