उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में प्रदेशभर में चल रहे और प्रस्तावित निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अरुण साव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य के विकास का प्रमुख आधार है। सड़क, पुल-पुलिया, शासकीय भवन और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं को तय समय में पूरा करना विभाग की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से पारंपरिक कार्यशैली छोड़कर नई कार्य संस्कृति अपनाने और परिणाम आधारित काम करने पर जोर दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर सितंबर-अक्टूबर तक नए कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी किए जाएं, ताकि बारिश खत्म होते ही निर्माण कार्य पूरी गति से शुरू हो सकें। साथ ही ठेकेदारों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने और अनुबंध में तय माइलस्टोन के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों का नियमित फील्ड निरीक्षण करने, समय पर बिल तैयार कर भुगतान सुनिश्चित करने और स्कूल, कॉलेज, ऑडिटोरियम, कार्यालय, आवासीय भवन सहित सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन ठेकेदारों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उनके खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग और अनुबंध समाप्त करने जैसी कार्रवाई की जाए।
बैठक में पहुंचविहीन गांवों तक सालभर सड़क संपर्क बनाए रखने के लिए नई सड़क और पुल परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राथमिकता से तैयार करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही भू-अर्जन से जुड़े मामलों में तेजी लाने के लिए विभागीय अधिकारियों की राजस्व विभाग के साथ संयुक्त कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सचिव ने अधिकारियों को 31 अगस्त तक प्राथमिकता वाले नए निर्माण कार्यों के प्राक्कलन भेजने और पूर्ण हो चुके ऑडिटोरियमों को संबंधित विभागों व नगरीय निकायों को जल्द हस्तांतरित करने के निर्देश दिए।