छत्तीसगढ़ में लंबे समय से लंबित आईएएस अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। मंत्रालय में हुई विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में 20 अधिकारियों के प्रमोशन प्रस्तावों को हरी झंडी मिल गई है। आधिकारिक आदेश जल्द जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, 2001 बैच की आईएएस अधिकारी शहला निगार को प्रमुख सचिव बनाया जा सकता है। वे फिलहाल कृषि विभाग की सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। माना जा रहा है कि प्रमुख सचिव के कई पद खाली होने के बावजूद बेहतर कार्य निष्पादन और अनुभव के आधार पर उनके नाम पर सहमति बनी है।
छह अधिकारी सचिव, आठ होंगे विशेष सचिव
2010 बैच के छह आईएएस अधिकारियों को सचिव पद पर पदोन्नति दिए जाने का प्रस्ताव डीपीसी में स्वीकृत हुआ है। इस सूची में जेपी मौर्या, सारांश मित्तर, पीएस एल्मा, रमेश शर्मा और धर्मेश साहू के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। रानू साहू का प्रमोशन निलंबन के चलते फिलहाल रोका गया है। वहीं केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात कार्तिकेय गोयल को प्रोफार्मा प्रमोशन मिलने की संभावना है।
2013 बैच के आठ अधिकारियों को विशेष सचिव के पद पर पदोन्नत किया जा सकता है। इनमें गौरव सिंह, अजीत बसंत, विनीत नंदनवार, इंद्रजीत चंद्रवाल, जगदीश सोनकर, राजेंद्र कटारा और पीएस ध्रुव के नाम शामिल हैं। नम्रता गांधी को केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण प्रोफार्मा प्रमोशन दिया जा सकता है। इस बैच के चार अधिकारी वर्तमान में कलेक्टर के रूप में कार्य कर रहे हैं।
संयुक्त सचिव पद पर पांच नाम लगभग तय
2017 बैच के पांच अधिकारियों को संयुक्त सचिव बनाया जा सकता है। इस सूची में आकाश छिकारा, रोहित व्यास, मयंक चतुर्वेदी, कुणाल दुदावत और चंद्रकांत वर्मा के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें से तीन अधिकारी फिलहाल कलेक्टर पद पर तैनात हैं।