फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जनजातीय गौरव दिवस 2025: सरगुजा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोलीं- आदिवासी संस्कृति को जीवित रखना बहुत जरूरी

Thu, 20 Nov 2025 02:03 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, सरगुजा

सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, छत्तीसगढ़ राज्य 25 साल का हो गया है। छत्तीसगढ़ के रहने वाले सभी लोगों को मैं बधाई देती हूं। भगवान बिरसा मुंडा के इस कार्यक्रम में शामिल होने और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
विज्ञापन
जनजातीय गौरव दिवस 2025 में शामिल हुईं राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला के अंबिकापुर पीजी कॉलेज ग्राउंड में जनजातीय गौरव दिवस समारोह में गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी संस्कृति को जीवित रखना बहुत जरूरी है। छत्तीसगढ़ के जनजाति समाज के लोग अपनी संस्कृति और परंपरा को बनाए रखे हुए हैं, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं। मैं भी जनजाति समाज की बेटी हूं और जनजाति परिवार में जन्म लेने पर मुझे बहुत गर्व है। जनजाति समाज की परंपरा को मैं पहले भी जीती थी और अब भी जीती हूं। शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, जंगल और जमीन के साथ आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है। साथ ही बोलीं, केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से वामपंथी उग्रवाद का उन्मूलन सुनिश्चित होगा।

विज्ञापन

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजाति समाज का इस देश में बहुत बड़ा योगदान है। आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को आगे बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि यह बेहद खूबसूरत और सुंदर है। ऐसे कार्यक्रमों में मैं जब जाती हूं तो जनजाति परिवार के लोगों से मुलाकात करती हूं। जनजाति महिलाओं से मुलाकात करने पर मुझे गर्व महसूस होता है। स्थानीय स्तर पर भी जनजाति समाज की संस्कृति और उनके विकास को प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आगे कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य 25 साल का हो गया है। छत्तीसगढ़ के रहने वाले सभी लोगों को मैं बधाई देती हूं। भगवान बिरसा मुंडा के इस कार्यक्रम में शामिल होने और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ है। अंबिकापुर में व्यापक स्तर पर 15 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक जनजाति गौरव दिवस मनाया गया है।

छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोगों में रोटी और बेटी का रिश्ता
राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा एक दूसरे लगी हुई है ,छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोगों में रोटी और बेटी का संबंध है। छत्तीसगढ़ के लोग ओडिशा में शादी करते हैं और ओडिशा वाले छत्तीसगढ़ में शादी करते हैं। ओडिशा और छत्तीसगढ़ की दोस्ती बहुत पुरानी है। झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के जनजाति समाज की विरासत बहुत गहरी है।

जनजातीय गौरव दिवस समारोह को संबोधित करते हुए 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजाति समाज के लोगों ने जो संघर्ष किया है उनकी क्रांति अमर हो गई है। आज छत्तीसगढ़ और सरगुजा के लिए बड़ा सौभाग्य का दिन है कि राष्ट्रपति ने हमारे निमंत्रण पर सरगुजा के जनजातीय सम्मेलन में शामिल होने आई हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य के नक्सल पीड़ित लोग जो कभी रायपुर नहीं पहुंचे थे वह कुछ दिनों पूर्व राष्ट्रपति से मिलने के लिए राष्ट्रपति भवन दिल्ली पहुंचे और जब वह वहां से लौटे तो वह बेहद खुश थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति समाज के लोगों की आजीविका तेंदूपत्ता से जुड़ी है, इसलिए हमने तेंदूपत्ता का रेट 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार रुपये कर दिया है। सरकार जनजाति समाज के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। रायपुर में जनजातीय संग्रहालय का निर्माण किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजाति समाज के इतिहास का चित्रण है।
विज्ञापन

बस्तर में नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा 
मख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है, इनकी कमर पूरी तरह से टूट गई है। अब बस्तर में भी विकास रफ्तार पकड़ने वाला है, बस्तर के अलग-अलग इलाकों में बिजली पानी पहुंचाया जा रहा है, दूरसंचार के साधन स्थापित किए जा रहें हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें