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ओबीसी आरक्षण पर राजनीति: छत्तीसगढ़ की आधी आबादी के साथ अन्याय कर रही बीजेपी सरकार, पीसीसी चीफ बैज का बड़ा आरोप

Sun, 12 Jan 2025 05:33 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

CG Politics: नगरीय निकाय चुनाव को लेकर जिला और जनपद पंचायतों में ओबीसी आरक्षण खत्म हो गया है। इसे लेकर कांग्रेस राज्य सरकार पर हमलावार है। 
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पीसीसी चीफ दीपक बैज, सीएम विष्णुदेव साय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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CG Politics: छत्तीसगढ़ में जिला पंचायत अध्यक्ष का एक भी पद ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं है,जबकि यहां की आधी आबादी ओबीसी वर्ग की है। इस बहुसंख्यक आबादी के साथ राज्य की बीजेपी सरकार अन्याय कर रही है। पिछड़ा वर्ग को 50 प्रतिशत आरक्षण का दावा करने वाले भाजपाई गायब हैं। बीजेपी के ओबीसी नेता दलीय चाटुकारिता में चुप हैं। ये आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बीजेपी के ऊपर लगाये। 
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि बीजेपी सरकार की ओर से स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण प्रावधानों किए गए दुर्भावनापूर्वक संशोधन के चलते अधिकांश जिला और जनपद पंचायतों में भी ओबीसी आरक्षण खत्म हो गया है। प्रदेश के 16 जिला पंचायत और 85 जनपदों में जहां पहले 25 प्रतिशत सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हुआ करती थी। अब अनुसूचित क्षेत्रों में ओबीसी आरक्षण लगभग खत्म हो गया है। पूर्व में ओबीसी के लिए आरक्षित ये सभी सीटें अब सामान्य घोषित हो चुकी है। साय सरकार के द्वारा आरक्षण प्रक्रिया के नियमों में किए गए दुर्भावना पूर्वक संशोधन के बाद अनुसूचित जिले और ब्लॉकों में जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य और पंचों का जो भी पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था, वह अब सामान्य सीटे घोषित हो गई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के बदनियति से चलते अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ने से वंचित हो गए हैं। स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण के संदर्भ में साय सरकार ने जो दुर्भावना पूर्वक संशोधन किया है वह ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय है, अत्याचार है। बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग में ओबीसी वर्ग के लिए कुछ बचा ही नहीं जबकि यहां बड़ी आबादी ओबीसी वर्ग की है, भाजपा सरकार ने दुर्भावना पूर्वक संशोधन करके पिछड़ा वर्ग के प्रतिभागियों के अधिकार को कुचल दिया है।
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