राजू झाड़-फूंक का काम करता था
विवेचना के दौरान ग्राम पंचायत चटनिया के कटईडीह निवासी राजू कोरवा पर संदेह हुआ। राजू झाड़-फूंक का काम करता था और लापता बालक के परिजनों ने उससे संपर्क किया था। उसने परिजनों को बताया कि 'बड़ी पूजा' करने पर बच्चा मिल सकता है। पहली पूछताछ में राजू ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उसकी संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई।
चाकू से बालक की गर्दन काटकर दी बलि
लगातार जांच और मुखबिरों की सूचना के बाद पुलिस ने राजू से सख्ती से पूछताछ की। अंततः वह टूट गया और उसने अपराध कबूल कर लिया। राजू ने बताया कि उसका बड़ा बेटा बचपन से मिर्गी और मानसिक कमजोरी से पीड़ित था। उसे विश्वास था कि किसी बच्चे की बलि देने से उसका बेटा ठीक हो जाएगा। 1 अप्रैल को उसने अजय को मिठाई और बिस्किट का लालच देकर अपने घर ले गया। उसी दिन चाकू से बालक की गर्दन काटकर हत्या कर दी।
तीन दिन तक अपने घर में छिपाकर रखा शव
राजू ने बताया कि उसने बालक के शरीर को बोरे में भरकर बोड़ादह कोना नाले के पास जला दिया। सिर को तीन दिन तक अपने घर में छिपाकर रखा और बाद में परिजनों के खोजबीन शुरू करने पर उसे कपड़े में लपेटकर नाले के पास गड्ढे में दफना दिया। पुलिस ने तहसीलदार सामरी की उपस्थिति में गड्ढा खोदकर बालक की खोपड़ी और हड्डी के अवशेष बरामद किए। घटना में प्रयुक्त चाकू भी जब्त किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
सामरी थाना प्रभारी और पुलिस टीम ने इस मामले में लगातार जांच और सबूत जुटाने में अहम भूमिका निभाई। आरोपी राजू कोरवा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस ने इस मामले में कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।