नेशनल हाइवे-45 पर घंटों जाम से लोग बेहाल
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मध्यप्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाला निर्माणाधीन नेशनल हाइवे-45 इन दिनों यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। घटिया और अव्यवस्थित निर्माण कार्य के चलते आए दिन इस मार्ग पर जाम की स्थिति पैदा हो रही है। शनिवार सुबह पेंड्रा के कारीआम गांव के पास कोयले से भरे ट्रेलर के फंस जाने से घंटों जाम लगा रहा, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह से ही ट्रेलर सड़क पर अटक गया, जिसके चलते दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस दौरान यात्री बसों से लेकर भारी वाहनों तक सब जाम में फंसे रहे। हैरानी की बात यह रही कि सूचना देने के बावजूद ठेका कंपनी सत्या बिल्डर्स-श्याम इंफ्रा का कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर समय पर नहीं पहुंचा। करीब 8 घंटे बाद जब कंपनी का सुपरवाइजर मौके पर आया तो उसके पास भी पर्याप्त संसाधन नहीं थे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरी बरसात भर इस नेशनल हाइवे पर लापरवाह निर्माण कार्य और रखरखाव की कमी के कारण लोगों को आए दिन जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि हर दो-चार दिन में सड़क पर वाहन फंस जाते हैं और जाम लग जाता है।
इस जाम में गुजरात से आए तीर्थयात्रियों से भरी बस भी फंस गई। यात्रियों ने छत्तीसगढ़ की सड़कों को “सबसे खराब” बताते हुए नाराजगी जाहिर की। वहीं कंपनी के सुपरवाइजर ने भारी मालवाहक वाहनों को सड़क खराब होने की वजह बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
यह एनएच-45 मध्यप्रदेश के जबलपुर, डिंडौरी और अमरकंटक को छत्तीसगढ़ के केंवची, पेंड्रा, गौरेला, रतनपुर, बिलासपुर और रायपुर से जोड़ता है। यह मार्ग जीपीएम जिले के साथ ही मध्यप्रदेश के शहडोल और अनूपपुर जिलों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन ठेका कंपनी की लापरवाही के चलते यह सड़क लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई है।