पंचायत सचिवों के शासकीयकरण की मांग को लेकर जिला कोंडागांव समेत पूरे छत्तीसगढ़ में सचिवों ने आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदेश पंचायत सचिव संघ के जिला अध्यक्ष रमेश कुमार नेताम ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि सरकार विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान दिए गए वादे को जल्द पूरा करे।
ज्ञापन में कहा गया है कि चुनावी घोषणा पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर 'मोदी गारंटी' के तहत पंचायत सचिवों के शासकीयकरण की घोषणा की गई थी। रायपुर में 7 जुलाई 2024 को आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों की उपस्थिति में भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया था। मुख्यमंत्री ने भी आश्वासन दिया था कि इस दिशा में कार्य होगा और 2-3 माह के भीतर समिति बनाकर निर्णय लिया जाएगा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सचिव अब जीवनयापन के संकट से जूझ रहे
स्थिति यह है कि 17 मार्च 2025 से पंचायत सचिव हड़ताल पर हैं। कई सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कुछ शीघ्र होने वाले हैं, जिनके पास पेंशन या किसी अन्य प्रकार का सहारा नहीं है। 1995-96 से अल्प वेतन पर सेवा दे रहे सचिव अब जीवनयापन के संकट से जूझ रहे हैं। जिलाध्यक्ष नेताम ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द पंचायत सचिवों का शासकीयकरण कर उन्हें न्याय दे, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। सचिवों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
कबीरधाम में 17 मार्च से हड़ताल जारी
कबीरधाम जिले के सभी ग्राम पंचायत में पदस्थ पंचायत सचिवों का हड़ताल बीते 17 मार्च से जारी है। ये अपनी प्रमुख मांग शासकीयकरण को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। सोमवार को मोदी की गांरटी को पूरा करवाने पंचायत सचिवों ने रैली निकाल कर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। पीएम के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
हड़ताल से पंचायतों में कामकाज बंद है
इन पंचायत सचिवों ने बताया कि बीते विधानसभा चुनाव में इन लोगों को मोदी की गारंटी के तहत शासकीयकरण किए जाने का वादा किया गया था। राज्य में भाजपा की सरकार बने अब दो साल होने जा रहे है। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई। यहीं कारण है कि जिले के सभी पंचायत सचिव हड़ताल पर बैठे हुए है। पंचायत सचिवों के हड़ताल से पंचायतों में कामकाज ठप हैं। ग्रामीण परेशान हो रहे हैं।
मूलभूत कार्य प्रभावित हो रहे
पीएम आवास से लेकर मनरेगा, पेंशन वितरण समेत पंचायतों से जुड़े मूलभूत कार्य प्रभावित हो रहे है। पंचायत विभाग के आदेश की कॉपी जलाने के बाद में पंचायत सचिव इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। सोमवार को जब पंचायत सचिव अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे हुए थे तो उन्हें मेन गेट के बाहर रोका गया। इसके बाद 5 लोगों को अंदर प्रवेश दिया, जहां इन लोगों ने कलेक्टर को मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है।