इन पंचायतों में फर्जी तरीके से निकाली गई रकम
नेशनल पार्क क्षेत्र के बड़ेकाकलेड के सप्पीमरका आंगनबाड़ी केंद्र, फूलगुंडम आंगनबाड़ी केंद्र, छोटेकाकलेड़, कनलापर्ती, पीलूर में मरम्मत के नाम पर राशि निकाली गई। इसके अलावा और भी कई पंचायतें हैं, जहां इसी तरह से बंदरबांट किया गया है। जिम्मेदारों से बात की तो उन्होंने कहा कि पंचायतों में आंगनबाड़ी संचालित तो है, लेकिन भवन वहां नहीं है। आंगनबाड़ी के बच्चों को सहायिका अपने घरों में बैठाकर संचालन कर रही हैं। चार पंचायतो में कुल 39 आंगनबाड़ी संचालित हैं, लेकिन एक का भी भवन नहीं हैं।
प्रभावित इलाके में अफसर जाते नहीं इसी का फायदा उठाया
धुर नक्सल प्रभावित नेशनल पार्क इलाके में नक्सल दहशत की वजह से जिम्मेदार अधिकारी कभी जांच के लिए नहीं जाते। इसी बात का फायदा उठाकर पंचायत सचिवों ने सप्लायरों से गठजोड़ कर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया। सही तरह से इन पंचायतो में खर्च की गई राशि की जांच हो तो कई घोटाले सामने आएंगे। नेशनल पार्क ऐसा इलाका हैं, जहां विकास नजर नहीं आता सिर्फ कागजों पर काम करके भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
भुगतान गलत तो कार्रवाई होगी
इस मामले में जनपद पंचायत भोपालपटनम के सीईओ दिलीप उईके का कहना है कि 15वें वित्त की राशि का भुगतान पूरी तरह से डिजिटल और ऑनलाइन होता है। अगर कहीं पर सचिव ने गलत तरीके से भुगतान किया होगा तो जांच कर करवाई की जाएगी। दोषी जो भी होगा उस पर कार्रवाई जरूर होगी।