छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष ने राज्य में धान खरीदी में गड़बड़ी और अव्यवस्था को लेकर सोमवार को सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष ने सदन में गलत जवाब देने का आरोप भी खाद्यमंत्री पुन्नूलाल मोहिले पर लगाया।
ध्यानाकर्षण के दौरान कांग्रेस विधायक नंद कुमार पटेल ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान 1800 से अधिक खरीदी केंद्रों में भारी आवक के बावजूद परिवहन व्यवस्था नहीं करने से लाखों क्विंटल धान जाम हो गया है।
केंद्रों में समय से पहले खरीदी बंद कर दी गई। लाखों क्विंवटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है और बरबादी के कगार पर है। वहीं मुख्यमंत्री रमन सिंह ने धान खरीदी में इस बार कायम किए गए नये कीतिर्मान के लिए प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य की एक हजार 333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में खरीफ विपणन वर्ष 2012-13 में 68 लाख 55 हजार मीट्रिक टन के अनुमानित लक्ष्य के मुकाबले 71 लाख 13 हजार 466 मीट्रिक टन क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य नीति के तहत की गई है। इसके लिए किसानों को आठ हजार 966 करोड़ 12 लाख रुपए का भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार ने किसानों से किए गए वादे को पूरा करने के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2012-13 में समितियों में खरीदे गए 71 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान पर उन्हें 270 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस देने का निर्णय लिया है।