अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2003 के बाद से अब तक कई मतदाता स्थानांतरित हो चुके हैं और मतदान केंद्रों का परिसीमन भी हुआ है। एन्यूमरेशन फेज में जब बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सर्वे करेंगे, तो यह मिलान प्रतिशत 10 से 15 प्रतिशत और बढ़ने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत इस बार केवल 5 से 6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार मानकर किए जा रहे मिलान में अब तक लगभग 71 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन बीएलओ द्वारा किया जा चुका है।
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अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2003 के बाद से अब तक कई मतदाता स्थानांतरित हो चुके हैं और मतदान केंद्रों का परिसीमन भी हुआ है। एन्यूमरेशन फेज में जब बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सर्वे करेंगे, तो यह मिलान प्रतिशत 10 से 15 प्रतिशत और बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि राज्य की मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। वर्ष 2003 के बाद से विवाह या स्थानांतरण के कारण कई महिला मतदाता अपने पुराने मतदान केंद्रों से अन्यत्र चली गई हैं। बीएलओ द्वारा किए जाने वाले एन्यूमरेशन फेज के दौरान 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान होने की संभावना है। इस प्रकार कुल मिलान प्रतिशत बढ़कर 94 से 95 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, और केवल शेष 5-6 प्रतिशत मतदाताओं से ही दस्तावेज मांगे जाएंगे।
भारत निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए कई नवाचार किए हैं। किसी भी प्रकार की असुविधा या जानकारी के लिए मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं या बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट (BLO Call Request) के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सही ढंग से सूची में दर्ज हो और मतदाता पहचान प्रक्रिया में किसी को भी अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।