महासमुंद जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और उनके गोदामों की जांच के लिए सघन अभियान चलाने की तैयारी की है। विभाग त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेट पर दी गई जानकारी और नियमों के पालन की पड़ताल करेगा। बासी भोजन, पैकेट में कीड़े मिलने और गलत ऑर्डर जैसी शिकायतें इस जांच का आधार बनेंगी।
गोदामों और दावों की जांच
दिवाली के दौरान मिठाइयों, नमकीन, पैक्ड खाद्य पदार्थों और तैयार भोजन की मांग बढ़ जाती है। ऑनलाइन खरीदारी का दायरा बढ़ने के कारण विभाग गोदामों में भंडारण व्यवस्था, स्वच्छता और परिवहन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जांच करेगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी उमेश कुमार के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से बेची जाने वाली खाद्य सामग्री पर पूरी सख्ती बरती जाएगी और गोदामों की सघन जांच होगी। विभाग उत्पाद पर अंकित निर्माण या पैकिंग की तारीख, उपयोग की अंतिम तिथि और खाद्य सुरक्षा लाइसेंस संबंधी जानकारी की पड़ताल करेगा। कई उत्पाद 'शुद्ध', 'प्राकृतिक', 'ताजा', 'मल्टीग्रेन' या 'हेल्दी' होने के दावे करते हैं, जिनकी सच्चाई जांची जाएगी।
एफएसएसएआई के नियम और प्रावधान
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की 3 दिसंबर 2024 की एडवाइजरी के अनुसार ऑनलाइन खाद्य कारोबारियों को डिलीवरी के समय उत्पाद की शेष शेल्फ लाइफ कम से कम 30 प्रतिशत या एक्सपायरी से 45 दिन, जो भी कम हो, रखना अनिवार्य है। खाद्य सामग्री के साथ खिलौने, छोटे प्लास्टिक पात्र या सिक्के जैसी वस्तुएं रखने से बचना चाहिए, क्योंकि बच्चे इन्हें खाने योग्य समझकर निगल सकते हैं। प्राधिकरण के नियमानुसार विज्ञापनों में किए जाने वाले दावे सत्य, स्पष्ट और गैर-भ्रामक होने चाहिए। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित विवरण उत्पाद के वास्तविक लेबल से पूरी तरह मेल खाना चाहिए।
ग्राहकों के लिए जरूरी सावधानियां
उपभोक्ता पैकेट पर एफएसएसएआई का लोगो और 14 अंकों का लाइसेंस नंबर ध्यान से जांचें। 'बेस्ट बिफोर' उत्पाद की गुणवत्ता बने रहने की अवधि दर्शाता है, जबकि 'एक्सपायरी' या 'यूज-बाय' अंतिम तारीख को दर्शाता है। पैकेट खुला होने, सील टूटी होने या असामान्य गंध आने पर सामग्री का सेवन न करें। समस्या होने पर राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर 1800112100, एफएसएसएआई के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल या उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। केवल 'हेल्दी' या 'प्राकृतिक' जैसे शब्द देखकर उत्पाद को सुरक्षित न समझें।