टी-20 क्रिकेट मुकाबलों के बीच राजधानी रायपुर में चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कबीर नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तिरंगा चौक इलाके में छापा मारकर एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया और करीब 17 लाख रुपये नकद सहित लगभग 19.70 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया।
11 फरवरी 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि कबीर नगर क्षेत्र में एक स्थान से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर टीम ने घेराबंदी कर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौजूद कुछ लोग भागने की कोशिश में थे, लेकिन चार आरोपियों को पकड़ लिया गया।
मास्टर आईडी के जरिए सट्टा संचालन
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों पर ‘मास्टर आईडी’ बनाकर अन्य लोगों को लॉगिन उपलब्ध कराते थे और कमीशन के आधार पर कमाई करते थे। लेन-देन के लिए कथित तौर पर किराये के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस अब इन खातों से जुड़े लोगों की पहचान में जुटी है।
नकदी और डिजिटल उपकरण जब्त
छापे के दौरान 17 लाख रुपये नकद, 7 मोबाइल फोन, 4 बैंक पासबुक, एक चेकबुक और 27 एटीएम/क्रेडिट/डेबिट कार्ड बरामद किए गए। जब्त सामग्री का कुल मूल्य करीब 19.70 लाख रुपये आंका गया है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 और बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुराने मामलों से जुड़े तार
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ पहले भी सट्टा मामलों में जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद वे दोबारा अवैध गतिविधियों में शामिल पाए गए। ऑनलाइन सट्टा खेलने वाले कई ग्राहकों की जानकारी भी पुलिस को मिली है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस साल की तीसरी बड़ी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक ऑनलाइन सट्टे के तीन मामलों में 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इन कार्रवाइयों में करोड़ों रुपये की नकदी और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन अपराध के बदलते तौर-तरीकों को देखते हुए निगरानी और तकनीकी जांच को और मजबूत किया गया है। राजधानी में सट्टेबाजी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।